भारतीय रेलवे में ट्रेन मैनेजर (Train Manager), जिसे पूर्व में गार्ड (Guard) कहा जाता था, सुरक्षित एवं नियमित रेल संचालन का एक महत्वपूर्ण संरक्षा श्रेणी (Safety Category) का कर्मचारी है। ट्रेन के प्रस्थान से लेकर गन्तव्य स्टेशन तक सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका लोको पायलट, स्टेशन मास्टर तथा अन्य परिचालन कर्मचारियों के साथ समान रूप से महत्वपूर्ण होती है।
ट्रेन मैनेजर की जिम्मेदारी केवल गाड़ी के पीछे उपस्थित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरी यात्रा के दौरान गाड़ी की पूर्णता (Train Integrity), सुरक्षित संचालन (Safe Train Operation), परिचालन समन्वय (Operational Coordination), यात्रियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तथा लागू रेलवे नियमों के पालन के लिए उत्तरदायी होता है।
General & Subsidiary Rules (G&SR), Operating Manual, Block Working Manual, Accident Manual तथा Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ट्रेन मैनेजर को Sign On से लेकर Sign Off तक प्रत्येक चरण में निर्धारित कर्तव्यों का पालन करना होता है।
मानसून पेट्रोलिंग (Monsoon Patrolling) में पेट्रोलमैन 15 मिनट विलंबित होने पर स्टेशन मास्टर क्या करेगा? (GR 15.04, SR 15.04-1 एवं SR 15.04-2)
मानसून के दौरान भारी वर्षा, बाढ़, रेलपथ धंसने, मिट्टी के कटाव, पुलों एवं कल्वर्टों के क्षतिग्रस्त होने जैसी परिस्थितियों में रेल संचालन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसी उद्देश्य से भारतीय रेलवे में Monsoon Patrolling (मानसून पेट्रोलिंग) की व्यवस्था लागू की जाती है।
मानसून पेट्रोलिंग के दौरान प्रत्येक Patrolman (पेट्रोलमैन) अपने निर्धारित Beat (बीट) का निरीक्षण करता है तथा Patrol Book के माध्यम से अगले पेट्रोलमैन को कार्यभार सौंपता है। स्टेशन मास्टर प्रत्येक पेट्रोलमैन के आगमन एवं प्रस्थान का समय Patrol Book तथा Station Diary में दर्ज करता है।
यदि कोई पेट्रोलमैन निर्धारित समय पर स्टेशन नहीं पहुँचता, तो इसे केवल सामान्य विलंब नहीं माना जाता, बल्कि रेल सुरक्षा से जुड़ी गंभीर स्थिति माना जाता है। इसलिए General Rules (GR) 15.04 तथा Subsidiary Rules (SR) 15.04-1 एवं SR 15.04-2 के अंतर्गत स्टेशन मास्टर के लिए विशेष सुरक्षा कार्रवाई निर्धारित की गई है।
गाड़ी बाबू अथवा ट्रेन्स क्लर्क (Train Clerk – TNC) मुख्यतः यार्डों, बड़े स्टेशनों एवं कंट्रोल कार्यालयों में पदस्थापित किए जाते हैं। कार्य की आवश्यकता के अनुसार उन्हें विभिन्न प्रकार के परिचालन (Operating) एवं सांख्यिकीय कार्य संपादित करने होते हैं। ट्रेन्स क्लर्क रेलवे परिचालन व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो गाड़ियों, वैगनों तथा लोड की सही जानकारी का संधारण एवं संचालन सुनिश्चित करता है।
TNC के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—
यार्ड पोजीशन तैयार करना तथा संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करना।
यार्ड बैलेंस तैयार करना।
आउट रिपोर्ट देना।
लोड टनेज की गणना करना।
व्हीकल गाइडेंस (Vehicle Guidance) तैयार करना।
रेक/लोड को परीक्षण हेतु देना तथा परीक्षण के पश्चात लोड बनाना।
The Deputy Station Manager shall be responsible for general up-keep and proper working of the station as under
He shall maintain safety literature, rule books, safety record. He shall counsel staff regarding rules and safety- systems
He shall deal with public complaints and counsel commercial staff for courteous behavior.
He shall ensure right time placement and removal of terminating/originating trains and keep records in this regard and also keep a watch on Shunting operations.
DUTIES OF STATION MASTER IN THE CASE OF ACCIDENTS:
(AM-311) Station master, he shall immediately:-
1. Ensure that no other train enters the affected section. On double line, he must lock the commutator of the block instrument controlling the affected section in “Train on line position”.
2. Advise the controller of the accident, indicating the nature of medical and other assistance required. If the section is not controlled of if the control phone is out of order the DOM or the CHC must be advised on the public phone or by other means available. The SM of adjacent station and other major station should also be advised accordingly.
स्टेशन मास्टर स्टेशन पर कार्यरत सभी स्टाफ (बुकिंग क्लर्क, पॉइंट्समैन, कुली, टीटीई, सफाई कर्मचारी आदि) की कार्यप्रणाली की निगरानी करता है।
यह सुनिश्चित करता है कि सभी कर्मचारी समय पर और नियमों के अनुसार अपनी-अपनी ड्यूटी करें।
2. नियमों के अनुसार स्टेशन संचालन
स्टेशन पर होने वाले सभी कार्य वर्तमान रेलवे नियमों, GRs, SRs, सर्कुलर और अन्य आदेशों के अनुसार हों।
स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नियम की अनदेखी न हो।
3. यात्रियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा
स्टेशन मास्टर यात्रियों को सुरक्षित, समय पर और विनम्र सेवा मिले यह सुनिश्चित करता है।
कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके लिए उचित कार्य वातावरण का ध्यान रखता है।
4. कुलियों (Porters) के काम और व्यवहार की निगरानी
कुली पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों, यात्रियों की सहायता करें और उनका व्यवहार शिष्ट हो, यह देखना स्टेशन मास्टर का कार्य है।
5. स्टेशन की साफ-सफाई और सामान्य रख-रखाव
प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, कार्यालय, यार्ड, आदि की साफ-सफाई व रख-रखाव की जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर की होती है।
किसी भी कमी को तुरंत दूर करने की व्यवस्था करता है।
6. सुरक्षा साहित्य (Safety Literature) का रख-रखाव
सर्कुलर, गज़ट, ऑपरेटिंग नियम किताबें, सिग्नलिंग निर्देश, पंपलेट आदि स्टेशन पर अपडेट रहें।
इनका अध्ययन कराना और स्टाफ से नोट करवाना उसकी जिम्मेदारी है।
7. दुर्घटना रजिस्टर एवं चार्ट का रख-रखाव
दुर्घटनाओं, असामान्य घटनाओं तथा सुरक्षा संबंधित रिकॉर्ड का सही एवं अपडेटेड रख-रखाव करना।
8. स्टॉक एवं सामग्री का सही रिकॉर्ड
स्टेशन पर उपलब्ध फॉर्म, टिकट सामग्री, सुरक्षा उपकरण, रेक, गाड़ियों आदि के स्टॉक की सही जानकारी रखना।
समय पर कंट्रोल को दैनिक विवरण भेजना।
9. शिकायतों की जांच और रिपोर्टिंग
किसी भी सार्वजनिक शिकायत की जांच करना।
संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण लेकर अपनी टिप्पणी सहित रिपोर्ट डिविजन को भेजना।
यदि शिकायत किसी अन्य विभाग से संबंधित हो, तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचित करना।
10. दुर्घटना स्थल पर कार्यवाही
दुर्घटना होते ही तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना।
राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व करना।
घायलों को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा उपलब्ध करवाना।
घटनास्थल के साक्ष्य सुरक्षित रखना।
कंट्रोल को लगातार अपडेट देना।
आवश्यकता अनुसार मेडिकल वैन, रिलीफ ट्रेन आदि की मांग करना।
यार्ड दुर्घटनाओं की जांच कर रिपोर्ट भेजना।
11. अग्निशमन उपकरण (Firefighting Equipment) की देख-रेख
स्टेशन पर उपलब्ध सभी फायर एक्सटिंग्विशर, रेत के ड्रम, पानी की बाल्टियाँ आदि हमेशा काम की स्थिति में हों।
12. सिग्नल, पॉइंट्स और ट्रैक सर्किट का नियमित परीक्षण
स्टेशन मास्टर को यह सुनिश्चित करना होता है कि—
ट्रेन गुजरने या मूवमेंट पूरा होने के बाद सिग्नल वापस ‘ON’ हो।
दो conflicting सिग्नल कभी भी एक साथ ‘OFF’ न हो।
सभी पॉइंट्स सही से सेट और Facing Points Lock किए हुए हों।
पैनल टेस्ट (Normal/Abnormal) सही से किया गया हो।
ट्रैक सर्किट निरंतर सही काम कर रहे हों।
SSI/Panel स्टेशन पर परीक्षण का तरीका SWR में दर्शाया गया हो।
13. हैंड सिग्नल लैम्प की देख-रेख
हैंड सिग्नल लैम्प की बाती, तेल और बर्नर रोज साफ और ठीक हालत में होना चाहिए।
14. सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता
स्टेशन पर उपलब्ध सभी सुरक्षा उपकरण—
detonators, flags, tri-colour hand signals, lamps, chains, keys आदि—पूरे और कार्यशील हों।
किसी कमी को तुरंत पूर्ण किया जाए।
15. रात एवं अचानक निरीक्षण (Surprise Checks)
रात में निरीक्षण कर स्टाफ की सतर्कता की जांच।
सिग्नलों, पॉइंट्स, लाइटिंग, visibility आदि की जांच।
16. स्टेशन का दैनिक निरीक्षण
स्टेशन मास्टर रोज निरीक्षण करता है, जिसमें शामिल है—
स्टेशन की लाइटिंग, पंखे, लिफ्ट, एस्कलेटर
कैबिन, ASM ऑफिस, यार्ड, गुड्स शेड
बुकिंग ऑफिस, आरक्षण कार्यालय
पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिस्प्ले बोर्ड
टिकट चेकिंग स्टाफ का काम
खानपान स्टाल
प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, शौचालय
पीने के पानी की उपलब्धता
सभी छोटी खराबियों को Petty Repair Book में लिखकर ठीक करवाना।
17. स्टेशन रिकॉर्ड का व्यवस्थित रख-रखाव
ट्रेन सिग्नल रजिस्टर
स्टेशन डायरी
निरीक्षण पुस्तिका
रेफरेंस पुस्तकें
SWR
लॉगबुक
सभी रिकॉर्ड सुरक्षित और नियमानुसार अवधि तक रखे जाने चाहिए।
18. स्वच्छता और स्वास्थ्य निरीक्षण
Health Inspector के साथ मिलकर स्टेशन की सफाई व्यवस्था की रोज जांच।
प्रतीक्षालय, शौचालय, प्लेटफॉर्म आदि स्वच्छ रखें।
यात्रियों के लिए सुरक्षित पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
19. रेक उपलब्धता और ट्रेन संचालन
स्टेशन पर पर्याप्त रेक उपलब्ध हों।
कनेक्टिंग ट्रेन लेट होने पर आवश्यक होने पर स्क्रैच रेक निकालने की तैयारी रखना।
आरक्षित रेक की उपलब्धता पर नजर रखना।
20. रिज़र्व कोचों की त्वरित निकासी
सैनिकों, आम जनता, कैदियों, खजाने आदि के आरक्षित कोचों को जल्द निकालने में विशेष ध्यान देना।
21. स्पेशल ट्रेनों की तैयारी
स्पेशल ट्रेन चलने पर उसके लिए रेक समय से पहले सही लाइन पर लगाना और सुरक्षा जांच पूरी करना।
22. ट्रेन Detention की जांच
स्टेशन पर या स्टेशन के बाहर ट्रेन देरी होने पर जिम्मेदारी तय करना।
पूर्ण रिपोर्ट DRM ऑफिस को समय पर भेजना।
23. स्टाफ की ट्रेनिंग और Competency
सभी ऑपरेटिंग स्टाफ को समय-समय पर—
NVT (Night Vision Test)
Competency Test
Safety Camp में भेजना।
जो स्टाफ NVT/Competency में overdue हो, उसे ड्यूटी करने देना नियम के विरुद्ध है।
Exam-Oriented FAQs
1. स्टेशन मास्टर का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर: स्टेशन पर सभी स्टाफ का पर्यवेक्षण, ट्रेन संचालन का सुरक्षित प्रबंधन, यात्रियों की सुविधा-सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों के अनुसार सभी गतिविधियों का संचालन करना स्टेशन मास्टर का मुख्य कार्य है।
2. स्टेशन मास्टर किन-किन नियम पुस्तकों को अपडेट रखता है?
उत्तर:
General Rules (GR)
Subsidiary Rules (SR)
Operating Manuals
सर्कुलर्स, नोटिफिकेशन, गजट
SWR (Station Working Rules)
इन सभी को अपडेट रखकर स्टाफ को समझाना भी उसकी जिम्मेदारी है।
3. दुर्घटना होने पर स्टेशन मास्टर के तत्काल कर्तव्य क्या हैं?
उत्तर:
तुरंत घटना स्थल पर पहुंचना
राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना
घायलों को चिकित्सा उपलब्ध कराना
सबूत/क्लू सुरक्षित रखना
कंट्रोल को लगातार सूचना देना
मेडिकल वैन और रिलीफ ट्रेन की मांग करना
यार्ड दुर्घटना की जांच कर रिपोर्ट भेजना
4. स्टेशन मास्टर को किन-किन चीज़ों का दैनिक निरीक्षण करना होता है?
उत्तर:
प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, शौचालय
लाइट, फैन, लिफ्ट, एस्कलेटर
बुकिंग ऑफिस, आरक्षण कार्यालय
कैबिन, यार्ड
पीने के पानी की व्यवस्था
पब्लिक एड्रेस सिस्टम और डिस्प्ले बोर्ड
पेटी रिपेयर बुक की प्रविष्टियाँ
5. स्टेशन मास्टर किन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है?
उत्तर:
हैंड सिग्नल लैम्प
डिटोनेटर
रेड/ग्रीन/येलो झंडे
फायर एक्सटिंग्विशर
चेन, क्लिप्स, स्क्रू की
सुरक्षा व आपातकालीन उपकरण
इनकी कमी नहीं होनी चाहिए।
6. सिग्नल और पॉइंट्स की जांच SM क्यों करता है?
उत्तर:
ट्रेन संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कि—
सिग्नल सही से “ON” पर लौटते हैं
दो conflicting सिग्नल एक साथ “OFF” न हों
पॉइंट्स सही से सेट और लॉक हों
ट्रैक सर्किट ठीक काम कर रहा हो
7. स्टेशन मास्टर किन रजिस्टरों को सही बनाए रखता है?
उत्तर:
ट्रेन सिग्नल रजिस्टर
स्टेशन डायरी
दुर्घटना रजिस्टर
निरीक्षण पुस्तिका
लॉग बुक
SWR
और अन्य रिकॉर्ड निर्धारित अवधि तक सांभाले जाते हैं।
8. पब्लिक शिकायत मिलने पर SM क्या करता है?
उत्तर:
शिकायत की जांच
संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण
अपनी टिप्पणी सहित रिपोर्ट डिवीजन को भेजना
अगर विषय अन्य विभाग का हो तो उसे तुरंत सूचित करना
9. स्टेशन मास्टर स्पेशल ट्रेन के लिए क्या व्यवस्था करता है?
उत्तर:
स्पेशल ट्रेन के लिए सही रेक की उपलब्धता
रेक को सही लाइन पर समय से लगाना
सभी सुरक्षा जांचें पूरी करना
10. स्टेशन मास्टर पोर्टरों (कुलियों) की कौन-सी बातें सुनिश्चित करता है?
उत्तर:
पर्याप्त संख्या में उपलब्धता
यात्रियों की सहायता करना
अच्छा व्यवहार और अनुशासन
स्टेशन परिसर में उचित आचरण
11. स्टेशन मास्टर के Surprise Inspection का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
स्टाफ की सतर्कता की जांच
रात में सिग्नल/पॉइंट्स की दृश्यता और कार्यशीलता की जांच
सुरक्षा मानकों का पालन
12. स्वच्छता (Sanitation) की जिम्मेदारी किसकी होती है?
उत्तर: बड़े स्टेशनों पर Health Inspector की, लेकिन दैनिक निरीक्षण स्टेशन मास्टर करता है और सभी कमी नोट करता है।
13. Station Working Rules (SWR) क्या होते हैं?
उत्तर: स्टेशन पर ट्रेन संचालन और सिग्नलिंग से संबंधित सभी स्थानीय नियमों का दस्तावेज़।
SM को SWR का पालन और स्टाफ से पालन करवाना अनिवार्य है।
14. ट्रेनों की देरी (Detention) की जांच SM कब करता है?
उत्तर: ट्रेन स्टेशन पर या स्टेशन सीमा में देरी होने पर SM पूरी जांच करके जिम्मेदारी तय करता है और DRM ऑफिस को रिपोर्ट भेजता है।
15. स्टाफ की Competency/NVT overdue होने पर SM क्या करेगा?
उत्तर: ऐसे स्टाफ को ड्यूटी नहीं करने देना चाहिए और उसे तुरंत आवश्यक टेस्ट/कैंप में भेजना चाहिए।
गाडी रवाना करने के पूर्व, संचालन के दौरान एवं असामान्य परिस्थिति में की जाने वाली कार्यवाही के अतिरिक्त गाडी के ट्रेन मैनेजर के द्वारा निम्नलिखित कर्तव्यों का पालन किया जायेंगा।
1. गाडी प्रस्थान कराने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जाये कि सही प्रस्थान सिगनल ऑफ कर दिया गया है। यदि प्रस्थान सिगनल / अग्रिम प्रस्थान सिगनल खराब है तो सुनिश्चित करें कि प्राधिकार पत्र में अगले स्टेशन से लाइन क्लीयर के रूप में मिला हुआ प्राइवेट नम्बर दर्ज है। इसे अपनी लॉग बुक में भी लिखना सुनिश्चित करें।
2. उन स्थानों पर जहाँ पर वैकिंग इंजन लगाये गये है, ट्रेन मैनेजर आगे वाले लोको पायलट को सिगनल देने के तुरन्त बाद पीछे बैंकिंग इंजन के लोको पायलट को भी सिगनल देगा।
3. जब गाडी किसी कर्मचारी युक्त समपार से गुजरे तो ट्रेन मैनेजर को पीछे देखना चाहिये कही गेट मैन कोई खतरे का हाथ सिगनल तो नही दिखा रहा है, अगर गेट मैन कोई खतरे का हाथ सिगनल दिखा रहा है तो तदानुसार कार्यवाही करना चाहिय॑।
4. जब कोई गाडी स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारी द्वारा हाथ सिगनल दिखाकर या किसी अन्य साधन द्वारा गाडी खड़ी की जाये, तो गाडी दुवारा चलाने की अनुमति तब तक नही देना चाहिये जब तक कि वह व्यक्तिगत रूप से स्टेशन मास्टर द्वारा गाडी रोकने का कारण न जान लें।
5. यदि ट्रेन मैनेजर को कोई खतरे की आशंका हो और वह किसी कारण गाडी को रोकना आवश्यक समझता है तो वह लोको पायलट का ध्यान आकर्षित करने के लिये यथाशक्ति प्रयत्न करेगा। यदि गाडी में निरन्तर ब्रेक व्यवस्था है तो आपातकाल में गाडी रोकने के लिये गार्ड उस ब्रेक को धीरे-धीरे लगा सकता है।
6. इंजन में कार्यरत लोको पायलट, सहायक लोको पायलट के नाम एवं मोबाइल नंबर की जानकारी रखेगा।
7. यदि गाडी स्टेशन सीमा के वाहर या कही भी उतार-चढ़ाव पर खडी की जाती है तो गार्ड को इस वात का समाधान कर लेना चाहिये कि व्रेकयान के ब्रेक अच्छी तरह से कसकर लगा दिये गये हो।
8. लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर के बीच निर्धारित की गयी घंटी, सीटी संकेत का पालन करेगा, इसी प्रकार डीएमयू / मेमू गाडियों के लिये निर्धारित की गयी सीटी कोड का आदान-प्रदान किया जायेगा।
9. निमयानुसार ट्रेन मैनेजर स्टेशनों के थू होने वाले समय, मार्ग में लगने वाला समय, सतर्कता आदेश में लगने वाला समय आदि एवं समस्त प्रकार के गेन एवं समय की हानि की प्रविष्टि गार्ड मेमो में करेगा एवं अपने गतंव्य स्टेशन पर पहुंचने पर मेल ट्रेन मेनेजर समयपालन नियंत्रक को सूचित करेगा।
10. विपरीत दिशा से चलने वाली गाडियों पर सजग निगाह रखेगा एवं किसी भी असामान्य स्थिति देखने पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करेगा। |
11. गाडी किसी स्टेशन पर खडी हो जाती है तो ट्रेन मैनेजर सुनिश्चित करेगा कि गाडी पूरी आ गयी हैं एवं फाउंलिंग मार्क को किलयार करके खड़ी है। मेल / पैंसेजर / गुड्स ट्रेन मैनेजर अपनी गाड़ी की यात्रा पूरी करने के बाद, कू चेंज करने वाले स्टेशनों पर, मार्ग के मध्य के स्टेशनों पर गाडी खडी होने के दौरान अपना व्रेकयान नही छोड़ेगा। ट्रेन मैनेजर अपनी गाडी को किसी को सौंपे बगैर नही जायेगा। ट्रेन मैनेजरों को अपना' व्रेकयान (आपात / असामान्य परिस्थितियों को छोड़कर) तब तक तब तक नही छोड़ना चाहिये जब तक कि अपना चार्ज अन्य ट्रेन मैनेजर को न सौंप दिया जायें अथवा गाडी नियमानुसार स्टेबिल कर दी जायें।
12. ट्रेन मैनेजर कार्यभार ग्रहण करने के समय गाडी के प्रस्थान करने से पहले यह जांच करेगा कि
ए) गाड़ी ठीक प्रकार से जोडी गयी है और गाडी में निर्धारित ब्रेक पावर है,
बी) गाडी में टेल बोर्ड / टेल लैम्प लगा दिया गया है,
सी) ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट के बीच कोई संचार का साधन है तो वह ठीक से कार्य कर रहा है एवं गाडी यात्रा के लिये पूर्ण रूप से सक्षम है।
डी) ट्रेन मैनेजर यह सुनिश्चित करेगा कि गाडी की मार्शलिंग ठीक तरह से हुयी है।
13. गाडी का चार्ज लेने एवं वीपीसी पर हस्ताक्षर करने के पूर्व गाडी का ट्रेन मैनेजर यह सुनिश्चित करेगा कि जेई / एसएसई (सी एण्ड डब्ल्यू) ने वीपीसी' पर हस्ताक्षर कर दिये है।
14. मालगाड़ी ट्रेन मैनेजर को प्रभार लेते समय खाली, भरे डिवाइस की सैटिंग की जांच एवं सही सेटिंग सुनिश्चित कर लेनी चाहिये।
15. लूप लाइन से पास होते समय लूप लाइन क्लीयर होते ही लोको पायलट को उपलब्ध साधनों के माध्यम से सूचित किया जाये कि लूप लाइन क्लीयर हो गयी है।
16. सतर्कता आदेश का पालन करते समय गाडी का अंतिम वाहन प्रभावित स्थान से क्लीयर होते ही लोको पायलट को उपलब्ध साधनों के माध्यम से सतर्कता आदेश क्लीयर होने की सूचना देगा।
17. समस्त परिचालक अपने कार्य के दौरान परिचालन विभाग से जारी किये जाने वाले परिचालन परिपत्र एवं निर्देशों की फोटो कॉपी कराकर अपने पास रखेंगे, एवं अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों के द्वारा निरीक्षण के समय मांगे जाने पर प्रस्तुत करेंगे।
1. The Station Staff, Shed Staff, Loco Pilot and Guard should strictly obey the instructions given by controller.
2. The instructions given by the controller should be note down in a register so that the date and time of instructions given by controller, name of the controller etc can be known easily. The SM should go thought this register while sign on the duty and shall intimate the same on the SM on duty while signing off duty.
He shall be responsible for proper operation of the gate as per SWRs for the passage of trains.
He shall ensure that no train suffers any detention on account of late closing of the gate.
He shall keep the channels of check-rails clean and shall clean the road within the railway limits and water the area regularly.
He shall clean the gate lamps and hand signal lamps daily. He shall ensure that the wicks of the burners are trimmed so that these are lighted properly and kept burning continuously from sun set to sunrise.
He shall obey all lawful orders of the ASM on duty or official in-charge supervising the shunting during the course of shunting operations including coupling or uncoupling of vehicles of wagons. Fixing rubber washers, closing wagon doors, displaying hand signals etc.
He shall exhibit danger signal to the official supervising the shunting should the crossing be fouled during the shunting operation.
He shall pilot the trains in case of abnormal working and when ordered by the SM on duty.
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