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भारतीय रेलटेल निगम लिमिटेड (RailTel Corporation of India Limited)

 भारतीय रेलटेल निगम लिमिटेड (RailTel Corporation of India Limited)


भारतीय रेलटेल निगम लिमिटेड (RailTel Corporation of India Limited) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है। इसकी स्थापना भारतीय रेलवे के पास उपलब्ध विशाल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (Optical Fiber Network) एवं मार्गाधिकार (Right of Way) का उपयोग करके देशव्यापी दूरसंचार एवं ब्रॉडबैंड अवसंरचना विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी।

रेलटेल का निगमकरण सितम्बर 2000 में किया गया था। प्रारंभ में इसका उद्देश्य भारतीय रेलवे को आधुनिक दूरसंचार सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा अतिरिक्त दूरसंचार क्षमता का वाणिज्यिक उपयोग करना था, परंतु समय के साथ यह भारत की अग्रणी डिजिटल अवसंरचना कंपनियों में विकसित हो चुकी है।

IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) – for LDCE

 भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC)

भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (Indian Railway Catering and Tourism Corporation Limited – IRCTC) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक मिनी रत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (Mini Ratna PSU) है। इसका गठन भारतीय रेलवे की खानपान, पर्यटन तथा ऑनलाइन टिकटिंग सेवाओं को व्यावसायिक एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था।

IRCTC का निगमकरण 27 सितम्बर 1999 को कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किया गया। प्रारम्भ में इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे की खानपान एवं पर्यटन गतिविधियों का विकास था, किंतु समय के साथ यह भारतीय रेलवे की डिजिटल सेवाओं का सबसे बड़ा मंच बन गया।

स्थापना की आवश्यकता

भारतीय रेलवे विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं। यात्रियों को बेहतर खानपान, स्वच्छ पेयजल, ऑनलाइन टिकटिंग तथा पर्यटन सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए एक विशेषज्ञ संगठन की आवश्यकता महसूस की गई।

इसी उद्देश्य से IRCTC की स्थापना की गई ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक एवं ग्राहक-केंद्रित सेवाएँ प्रदान की जा सकें।

IRCTC के प्रमुख कार्य

IRCTC भारतीय रेलवे की कई महत्वपूर्ण सेवाओं का संचालन करता है। इनमें मुख्य रूप से रेलवे कैटरिंग, ई-टिकटिंग, पर्यटन, रेल नीर, होटल बुकिंग, बस बुकिंग तथा अन्य डिजिटल सेवाएँ शामिल हैं।

आज IRCTC भारतीय रेलवे की सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली डिजिटल सेवा संस्थाओं में से एक है।

ई-टिकटिंग सेवा

IRCTC की सबसे लोकप्रिय सेवा ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग है। वर्ष 2002 में प्रारम्भ की गई ई-टिकटिंग सेवा ने भारतीय रेलवे में टिकट आरक्षण प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया।

वर्तमान में करोड़ों यात्री IRCTC की वेबसाइट एवं मोबाइल एप के माध्यम से टिकट बुक करते हैं। यह भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स एवं ऑनलाइन टिकटिंग प्रणालियों में से एक है।

ई-टिकटिंग प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को निम्न सुविधाएँ प्राप्त होती हैं—

  • आरक्षित टिकट बुकिंग
  • तत्काल टिकट बुकिंग
  • प्रतीक्षा सूची की जानकारी
  • PNR स्थिति
  • सीट उपलब्धता
  • टिकट रद्दीकरण
  • रिफंड सुविधा

IRCTC Rail Connect Mobile App

डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत IRCTC ने Rail Connect Mobile App विकसित किया है, जिसके माध्यम से यात्री मोबाइल फोन से टिकट बुकिंग एवं अन्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आज अधिकांश टिकट बुकिंग मोबाइल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है।

खानपान सेवाएँ (Catering Services)

भारतीय रेलवे में खानपान सेवाओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी IRCTC को दी गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराना है।

IRCTC निम्न माध्यमों से खानपान सेवाएँ प्रदान करता है—

  • बेस किचन (Base Kitchen)
  • फूड प्लाजा
  • फास्ट फूड यूनिट
  • जन आहार
  • रेल कोच रेस्टोरेंट
  • ऑन-बोर्ड कैटरिंग

IRCTC समय-समय पर खाद्य गुणवत्ता की निगरानी तथा निरीक्षण भी करता है।

ई-कैटरिंग सेवा (E-Catering)

यात्रियों को उनकी पसंद का भोजन उनकी सीट या बर्थ पर उपलब्ध कराने के लिए IRCTC ने ई-कैटरिंग सेवा प्रारम्भ की है।

इस सेवा के माध्यम से यात्री—

  • वेबसाइट
  • मोबाइल एप
  • फोन कॉल

के माध्यम से भोजन ऑर्डर कर सकते हैं।

भोजन विभिन्न अधिकृत रेस्तराँ एवं ब्रांडेड फूड चेन से उपलब्ध कराया जाता है।

पर्यटन सेवाएँ

IRCTC भारतीय रेलवे की पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख संचालक है।

यह घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के टूर पैकेज संचालित करता है।

इनमें शामिल हैं—

  • भारत गौरव पर्यटन ट्रेनें
  • धार्मिक पर्यटन पैकेज
  • तीर्थयात्रा विशेष ट्रेनें
  • हवाई एवं रेल टूर पैकेज
  • होटल बुकिंग सुविधा
  • अवकाश (Holiday) पैकेज

महाराजा एक्सप्रेस

महाराजा एक्सप्रेस भारत की सबसे प्रतिष्ठित लक्ज़री ट्रेनों में से एक है।

इसका संचालन IRCTC द्वारा किया जाता है। यह ट्रेन भारतीय संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करती है।

महाराजा एक्सप्रेस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ लक्ज़री ट्रेनों में गिना जाता है तथा इसे अनेक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

भारत गौरव ट्रेनें

भारतीय संस्कृति, धार्मिक स्थलों एवं पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए IRCTC भारत गौरव ट्रेनों का संचालन करता है।

इन ट्रेनों के माध्यम से यात्री कम लागत में संगठित पर्यटन पैकेज का लाभ उठा सकते हैं।

रेल नीर (Rail Neer)

रेल नीर IRCTC द्वारा निर्मित पैकेज्ड पेयजल ब्रांड है।

यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Rail Neer की शुरुआत की गई थी।

आज देश के विभिन्न भागों में स्थापित आधुनिक संयंत्रों में Rail Neer का उत्पादन किया जाता है तथा रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में इसकी आपूर्ति की जाती है।

Rail Neer भारतीय रेलवे की सबसे सफल उपभोक्ता सेवाओं में से एक मानी जाती है।

डिजिटल भुगतान एवं अन्य सेवाएँ

IRCTC ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी प्रोत्साहित किया है।

यात्री विभिन्न माध्यमों से भुगतान कर सकते हैं—

  • UPI
  • नेट बैंकिंग
  • डेबिट कार्ड
  • क्रेडिट कार्ड
  • IRCTC eWallet

इसके अतिरिक्त IRCTC होटल बुकिंग, बस टिकट बुकिंग तथा अन्य यात्रा संबंधी सेवाएँ भी प्रदान करता है।

IRCTC की उपलब्धियाँ

IRCTC ने भारतीय रेलवे की सेवाओं के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं—

  • विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन रेल टिकटिंग प्रणालियों में स्थान।
  • लाखों यात्रियों को प्रतिदिन डिजिटल सेवाएँ।
  • ई-कैटरिंग का सफल संचालन।
  • Rail Neer ब्रांड की स्थापना।
  • पर्यटन एवं लक्ज़री ट्रेन संचालन।
  • डिजिटल भुगतान को बढ़ावा।

भारतीय रेलवे में IRCTC का महत्व

IRCTC ने भारतीय रेलवे को पारंपरिक सेवा प्रदाता से आधुनिक डिजिटल सेवा संगठन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन टिकटिंग, डिजिटल भुगतान, ई-कैटरिंग, पर्यटन एवं Rail Neer जैसी सेवाओं के माध्यम से यह भारतीय रेलवे की ग्राहक सेवा प्रणाली का अभिन्न अंग बन चुका है।

LDCE Group-B परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

IRCTC का निगमकरण 27 सितम्बर 1999 को किया गया था। यह रेल मंत्रालय के अधीन एक Mini Ratna PSU है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। ई-टिकटिंग, खानपान, पर्यटन एवं Rail Neer इसका प्रमुख कार्यक्षेत्र है। महाराजा एक्सप्रेस तथा भारत गौरव पर्यटन ट्रेनों का संचालन IRCTC द्वारा किया जाता है। Rail Connect App एवं e-Catering इसकी प्रमुख डिजिटल सेवाएँ हैं।


भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (CONCOR)

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (CONCOR)

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (Container Corporation of India Limited – CONCOR) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्यरत एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Public Sector Undertaking – PSU) है। इसका गठन मार्च 1988 में किया गया था और इसका उद्देश्य देश में कंटेनरीकृत माल परिवहन (Containerized Freight Transport) को विकसित करना तथा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सेवाएँ प्रदान करना था।

आज CONCOR भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो रेल, सड़क एवं बंदरगाह आधारित परिवहन को एकीकृत करते हुए घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए व्यापक लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करती है।

इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON International Limited)

इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON International Limited)

इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON International Limited) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Central Public Sector Enterprise – CPSE) है। इसकी स्थापना मुख्य रूप से भारतीय रेलवे तथा अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास के उद्देश्य से की गई थी। प्रारंभ में इसका नाम Indian Railway Construction Company Limited था, जिसे बाद में इसके बढ़ते अंतरराष्ट्रीय कार्यक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए IRCON International Limited नाम दिया गया।

कंपनी का निगमकरण 28 अप्रैल 1976 को किया गया था। वर्तमान में IRCON भारत एवं विदेशों में रेलवे, राजमार्ग, पुल, सुरंग, मेट्रो रेल, भवन निर्माण, विद्युत प्रणालियों तथा अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

DFCCIL (Dedicated Freight Corridor) | Indian Railways (Hi/ Eng)(For LDCE)

भारतीय समर्पित माल यातायात गलियारा निगम लिमिटेड (DFCCIL)

भारतीय समर्पित माल यातायात गलियारा निगम लिमिटेड (Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited – DFCCIL) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Public Sector Undertaking – PSU) है, जिसकी स्थापना भारतीय रेलवे के माल परिवहन तंत्र को आधुनिक, दक्ष एवं विश्वस्तरीय बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका निगमकरण 30 अक्टूबर 2006 को कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किया गया था। DFCCIL को विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle – SPV) के रूप में स्थापित किया गया, जिसे समर्पित माल यातायात गलियारों (Dedicated Freight Corridors) की योजना बनाने, निर्माण करने, अनुरक्षण करने तथा परिचालन करने का दायित्व सौंपा गया।

भारतीय रेलवे नेटवर्क पर लगातार बढ़ते यात्री एवं माल यातायात के कारण क्षमता संबंधी गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही थीं। अधिकांश मुख्य मार्गों पर लाइन क्षमता का उपयोग 100 प्रतिशत से अधिक हो चुका था, जिसके कारण मालगाड़ियों की औसत गति कम होती जा रही थी तथा वैगनों का टर्न राउंड समय बढ़ रहा था। इन समस्याओं के समाधान हेतु समर्पित माल यातायात गलियारों की अवधारणा विकसित की गई।

रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकनोमिक सर्विसेज (राइट्स लिमिटेड) (RITES) (For LDCE)

रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज लिमिटेड (RITES Limited)

रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज लिमिटेड (RITES Limited) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE) है। यह परिवहन अवसंरचना, इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन, निरीक्षण तथा परामर्श सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत एक बहुविषयक (Multidisciplinary) संगठन है। राइट्स को भारत सरकार द्वारा नवरत्न (Navratna) का दर्जा प्रदान किया गया है।

राइट्स की स्थापना वर्ष 1974 में भारतीय रेलवे की तकनीकी विशेषज्ञता को देश एवं विदेश में उपलब्ध कराने तथा परिवहन अवसंरचना क्षेत्र में उच्च स्तरीय परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं परामर्श कंपनियों में से एक है।

लाँग हॉल (Long Haul) / पाइथॉन (Python) रैक का संचालन

लाँग हॉल (Long Haul) / पाइथॉन (Python) रैक का संचालन

भारतीय रेलवे में माल यातायात (Freight Traffic) की निरंतर वृद्धि को देखते हुए रेलवे द्वारा थ्रूपुट (Throughput), लाइन क्षमता (Line Capacity) तथा वैगन उपयोगिता (Wagon Utilization) बढ़ाने के लिए विभिन्न आधुनिक परिचालन व्यवस्थाएँ अपनाई जा रही हैं। इनमें Dedicated Freight Corridor (DFC), Heavy Haul Operation तथा Long Haul Freight Operation प्रमुख हैं।

Long Haul Train Operation भारतीय रेलवे की एक महत्वपूर्ण परिचालन अवधारणा है, जिसके अंतर्गत दो या अधिक मानक मालगाड़ियों (Standard Freight Train Formation) को जोड़कर एक ही ट्रेन पथ (Train Path) में संचालित किया जाता है। ऐसे संचालन से लाइन क्षमता में वृद्धि होती है, गाड़ियों की संख्या कम होती है, क्रू उपयोगिता (Crew Utilization) में सुधार होता है तथा वैगनों की औसत गति बढ़ती है।

FOIS Guide for TNC (Train Clerk)

 FOIS Guide for TNC (Train Clerk)

भारतीय रेलवे में माल परिचालन (Freight Operations) को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं वास्तविक समय (Real Time) आधारित बनाने के लिए Freight Operations Information System (FOIS) का उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में मालगाड़ियों, वैगनों, रेकों, इंटरचेंज यातायात तथा लोडिंग-अनलोडिंग से संबंधित अधिकांश सूचनाएँ FOIS के माध्यम से प्रबंधित की जाती हैं।

ट्रेन्स क्लर्क (TNC) के लिए FOIS का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यार्ड प्रबंधन, वैगन प्रबंधन, रेक संरचना का सत्यापन, Vehicle Guidance, Wagon Balance तथा विभिन्न परिचालन रिपोर्टों की निगरानी में FOIS की महत्वपूर्ण भूमिका है।

पाइथाॅन रैक का संचालन

 पाइथाॅन रैक का संचालन

रेलवे मे  दिन-प्रतिदिन बढ़ते हुए यातायात को देखते हुए भारतीय रेलवे अपनी संचालन लागत कम करने के दृष्टिकोण से थ्रू-पुट को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इस हेतु कई उपाय किए जा रहे हैं जैसे - 

वैगनो  की डिजाइन मे  परिवर्तन करके भार क्षमता को बढ़ाना, प्रत्येक गाड़ी मे  वैगनों की संख्या मे  बढ़ोत्तरी करके तथा एक्सल भार बढ़ाकर। इस संदर्भ मे  ‘डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर’ बनाने की भी योजना है। परन्तु जब तक ये किया जाए तब तक रेलवे ने कुछ सेक्शनो  पर इस हेतु ‘लाँग हाॅल गाड़ी’ चलाने का निर्णय लिया है। ‘‘एक से अधिक खाली या भरे मानक गाड़ियों के रैक को जोड़कर चलाने को ‘लाँग हाॅल गाड़ी’ के नाम से जाना जाता है, जिसे ‘‘पायथाॅन रैक’’ कहते हैं। इस शब्द को गाड़ी के नाम के आगे जोड़ा जाता है और फाॅइस व कन्ट्रोल
चार्ट में स्पष्ट दर्शाया जाता है। ऐसी गाड़ियों को चलाने से थ्रू-पुट मे  वृद्धि होती है, व्यस्त मार्गो  पर गाड़ियाँ के दबाव को कम करने में आसानी रहती है एव  गाड़ियो  की संख्या में कमी करने के कारण रोलिंग स्टाॅक की औसत गति बढ़ाने में मदद मिलती है। वर्तमान मे  ट्रायल आधार पश्चिम रेलवे सहित कई रेलवे पर ऐसी गाड़ियाँ रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पाॅलिसी/निर्देश के अनुसार चलाई जा रही हैं। लाग हाॅल गाड़ी चलाने की पाॅलिसी/ गाइडलाइन एवं नियम - 

  • संबंधित रेलवे अपनी क्षेत्रीय रेलवे मे  ऐसी गाड़ी चलाने हेतु सेक्शन की पहचान करेगी व ‘पायथाॅन’ रैक बनाने हेतु पाॅइन्ट नामित करेगी। 
  • ‘पायथाॅन’ रैक गाड़ी परीक्षक की उपस्थिति मे  बनाया जाएगा। जिन पाॅइन्ट पर गाड़ी परीक्षक न हो वहाँ उसकी व्यवस्था की जाएगी। 
  • गाड़ी के लिए ‘कम्बाइन्ड ब्रेक पावर’ प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। 
  • ऐसा रैक सिंगल पाइप एयर ब्रेक सिस्टम का होगा। 
  • जोड़े गए प्रत्येक गाड़ी के रैक के लिए अलग से वैध ब्रेक पावर प्रमाणपत्र अलग-अलग होने चाहिए। 
  • जोड़े जाने वाले रैको  में से जिस रैक की सेक्शन मे  गति सबसे कम हो, वही गति ‘पायथाॅन’ रैक की होगी। 
  • 9000 टन से अधिक भार एव  60 कि.मी.प्र.घ. से अधिक गति वाली लाँग हाॅल गाड़ियों को आर.डी.एस.ओ. द्वारा ट्रायल करने के बाद ही चलाने की अनुमति दी जाएगी। 
  • परिचालनिक आवश्यकतानुसार ऐसे रैक को अधिसूचित स्टेशन पर ही अलग किया जाएगा फिर भी किसी सवारी गाड़ी को प्राथमिकता देने या क्राॅसिंग करने या किसी अन्य आवश्यक परिस्थिति मे  गाड़ी को पर्याप्त सावधानी रखते हुए अन्य किसी स्टेशन पर भी अलग किया जा सकता है। 
  • लाँग हाॅल गाड़ी के रैक का कम्पोजीशन - अगला भाग खाली गाड़ी  पिछला भाग खाली गाड़ी या अगला भाग भरी गाड़ी $ पिछला भाग खाली गाड़ी या अगला भाग भरी गाड़ी  पिछला भाग भरी गाड़ी होगा। 


गाड़ी परीक्षक की आवश्यकता - 
  • गाड़ी परीक्षक ब्रेक कन्टीन्यूटी की जाँच करने के बाद आगे के लोको व अन्तिम वाहन के ब्रेक पावर प्रमाणपत्र विवरण को दर्शाते हुए ‘कवर ब्रेक पावर प्रमाणपत्र’ जारी करने की व्यवस्था करेगा। 
  • कवर ब्रेक पावर प्रमाणपत्र में अलग अलग रैक के मूल ब्रेक पावर को भी दर्शाया जाएगा। 
  • आगे के लोको में 5 कि.ग्रा./से.मी. 2 तथा पिछले ब्रेकवान मे  कम से कम 4.7 कि.ग्रा./ से.मी. 2 होगा। 
  • लाँग हाॅल गाड़ी के लिए पहचान किए गए सेक्शनों में अतिरिक्त विशेष टर्मीनशन इंजीनियरिंग इंडीकेटर लगाए जाएंगे। 
  • यात्रा के दौरान लोको पायलट व गार्ड के बीच संचार के लिए तथा रैक के फाॅरमेशन के लिए गाड़ी परीक्षक को पहले से परीक्षण किए गए पर्याप्त क्षमता वाले वाॅकी-टाॅकी सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। 
  • लोको पायलट व गार्ड के बीच संचार हेतु सा. एवं स.नि. 4.50 के अनुसार सीटी कोड का उपयोग भी किया जाएगा। 
  • यात्रा के दौरान यदि वाॅकी-टाॅकी संचार साधन खराब हो जाता है तो अगले स्टेशन पर लाँग हाॅल संचलन को समाप्त कर दिया जाएगा। इसी प्रकार संचार खराबी के दौरान लाँग हाॅल गाड़ी का संचालन नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अगले लोकोमोटिव मे  रीहास्टट ब्रेक/डायनामिक ब्रेक कार्यशील स्थिति मे  है। 


लोकोमोटिव का कार्य -




  • बीच की यूनिट से मैनुअली सी-2 (ब्रेक प्रेशर चार्जिंग वाल्व) रिले वाल्व को काटकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 
  • जब दोनों रैक को अलग किया जाए तो सी-2 रिले वाल्व की सैटिंग को पुनः सही कर देना चाहिए ताकि पीछे की गाड़ी सामान्य तरीके से चार्ज हो जाए। रु खींचे जा रहे लोड के आधार पर चुना जा सकता है। 
इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के साथ कार्यप्रणाली - 
  • जब अगला भाग भरा हुआ व पिछला भाग खाली के कोम्बीनेशन के साथ गाड़ी खींची जाए तो कम से कम अगली मल्टीपल यूनिट के पाँच कम्प्रेशर चालू स्थिति में होने चाहिए। 
  • बीच के लोकोमोटिव द्वारा एयर प्रेशर चार्ज करने की अनुमति नहीं है। 
  • गाड़ी को अगला लोकोमोटिव चलाएगा एव  बीच वाला लोको आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शक्ति प्रदान कर सकता है। 

गाड़ी रवाना करते समय सावधानी - 
  • यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि अगले लोकोमोटिव में  5 कि.ग्रा./से.मी. 2 तथा अन्तिम ब्रेकवान मे  कम से कम 4.7 कि.ग्रा./से.मी. 2 ब्रेक पावर प्रेशर है। 
  • गाड़ी रवाना करने से पूर्व अन्तिम ब्रेकवान मे  आवश्यक प्रेशर आ चुका है इसे अगले लोको पायलट को वाॅकी-टाॅकी द्वारा बताने की जिम्मेदारी पिछले ब्रेकवान के गार्ड की है। 
  • अगले रैक का गार्ड अपनी गाड़ी के ब्रेकवान या बीच के लोकोमोटिव मे  यात्रा करेगा एवं पिछले रैक का गार्ड अन्तिम ब्रेकवान मे रहेगा तथा पूरी गाड़ी की संचालन व संरक्षा की जिम्मेदारी उसकी रहेगी। 
  •  लाँग हाॅल गाड़ियों के संचालन हेतु परिचालन एव  ट्रैक्शन के पर्यवेक्षक/अधिकारियों की टीम द्वारा ऐसी गाड़ी चलाने के संबंध मे  जानकारी एव  एक दिन का प्रशिक्षण गाड़ी कर्मीदल एवं गार्ड को दिया जाएगा। 
  •  जिस सेक्शन मे  ऐसी गाड़ियो  का संचालन होगा, उस सेक्शन के स्टेशन कर्मचारियों को भी इस संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा।

डिब्बा मार्ग पत्रक (Vehicle Guidance - VG)

1. व्हीकल गाइडेंस (Vehicle Guidance - VG) ट्रेन्स क्लर्क (TNC) द्वारा तैयार किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण परिचालन दस्तावेज है। यार्ड में तैयार होने वाली नई गाड़ियों तथा इंटरचेंज गाड़ियों के लिए यह पत्रक तैयार किया जाता है तथा सामान्यतः गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय से लगभग 30 मिनट पूर्व गार्ड को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वह गाड़ी की संरचना एवं लोड का सत्यापन कर सके।

2. व्हीकल गाइडेंस में अंकित विवरण

व्हीकल गाइडेंस में सामान्यतः निम्नलिखित विवरण दर्ज किए जाते हैं—

  • वाहन/वैगन नंबर
  • वाहन का प्रकार
  • स्वामित्व रेलवे
  • खाली अथवा भरे होने की स्थिति
  • प्रस्थान स्टेशन
  • गंतव्य स्टेशन
  • विशेष परिचालन निर्देश (यदि कोई हों)

मालगाड़ियों के लिए सामान्यतः प्रपत्र संख्या T/81-F तथा सवारी गाड़ियों के लिए T/81-F/A प्रयुक्त किया जाता है।

3. व्हीकल गाइडेंस तैयार करने की प्रक्रिया

व्हीकल गाइडेंस को स्पष्ट एवं पठनीय रूप में तैयार किया जाना चाहिए। पारंपरिक व्यवस्था में इसे नंबर टेकर बुक के आधार पर तैयार किया जाता था, जबकि वर्तमान समय में यह कार्य मैनुअल प्रणाली, FOIS अथवा अन्य उपलब्ध कम्प्यूटरीकृत प्रणालियों के माध्यम से भी किया जा सकता है।

TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्हीकल गाइडेंस में दर्ज विवरण तथा वास्तविक रेक संरचना में कोई अंतर न हो।

4. गार्ड द्वारा सत्यापन

प्रस्थान स्टेशन पर गार्ड, TNC अथवा स्टेशन मास्टर से व्हीकल गाइडेंस प्राप्त कर गाड़ी की संरचना तथा लोड का मिलान करता है।

यदि मार्ग में किसी स्टेशन पर कोई वाहन जोड़ा या हटाया जाता है, तो उसकी प्रविष्टि व्हीकल गाइडेंस में दर्ज की जाती है तथा आवश्यकतानुसार संबंधित स्टेशन अधिकारी द्वारा प्रमाणित की जाती है।

5. FOIS आधारित Vehicle Guidance

वर्तमान भारतीय रेलवे में अधिकांश मालगाड़ियों की Vehicle Guidance, Freight Operations Information System (FOIS) में उपलब्ध डेटा के आधार पर तैयार की जाती है।

TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—

  • FOIS में उपलब्ध रेक संरचना सही हो।
  • VG एवं FOIS डेटा में सामंजस्य हो।
  • वास्तविक रेक एवं सिस्टम डेटा में कोई अंतर न हो।

6. BPC (Brake Power Certificate) का मिलान

Vehicle Guidance तैयार करते समय TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि VG में अंकित रेक संरचना तथा उपलब्ध Brake Power Certificate (BPC) में दर्ज वैगनों की संख्या एवं क्रम एक-दूसरे से मेल खाते हों।

किसी भी विसंगति की स्थिति में गाड़ी रवाना करने से पूर्व उसका समाधान किया जाना चाहिए।

7. ODC एवं ISMD लोड

यदि गाड़ी में Over Dimensional Consignment (ODC) अथवा Infringing Standard Moving Dimension (ISMD) लोड लगा हो, तो उसका स्पष्ट उल्लेख Vehicle Guidance में किया जाना चाहिए।

ऐसे मामलों में संबंधित गति प्रतिबंध, मार्ग प्रतिबंध तथा विशेष परिचालन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

8. Long Haul एवं Heavy Haul ट्रेनों में सावधानियाँ

Long Haul अथवा Heavy Haul मालगाड़ियों के लिए Vehicle Guidance तैयार करते समय—

  • कुल रेक संरचना
  • कुल भार
  • कुल लंबाई
  • विशेष परिचालन निर्देश

का सही उल्लेख किया जाना आवश्यक है।

9. इंटरचेंज यातायात में महत्व

इंटरचेंज स्टेशनों पर प्राप्त एवं प्रेषित रेकों की Vehicle Guidance का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाना चाहिए ताकि—

  • वैगन नंबर
  • गंतव्य स्टेशन
  • लोड विवरण

में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

10. अभिलेखों का संरक्षित करना

TNC को आने वाली तथा जाने वाली गाड़ियों की Vehicle Guidance (VG), Brake Power Certificate (BPC) तथा अन्य संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित संरक्षित करना करना चाहिए।

जहाँ कम्प्यूटरीकृत प्रणाली उपलब्ध हो, वहाँ इन अभिलेखों का डिजिटल संरक्षित करना भी किया जाना चाहिए।

11. सुरक्षा की दृष्टि से महत्व

Vehicle Guidance केवल एक सूचना पत्रक नहीं है, बल्कि यह ट्रेन संचालन एवं सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

इसमें त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि होने पर—

  • वैगन मिस-रूटिंग
  • गलत इंटरचेंज
  • लोड ट्रेसिंग में कठिनाई
  • परिचालन बाधाएँ

उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन आवश्यक है।

12. TNC की जिम्मेदारी

Vehicle Guidance तैयार करने के बाद TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—

  • वैगन नंबर सही हों।
  • गंतव्य स्टेशन सही अंकित हो।
  • Empty/Loaded स्थिति सही हो।
  • BPC एवं VG में सामंजस्य हो।
  • ODC/ISMD विवरण दर्ज हो।
  • FOIS डेटा एवं वास्तविक रेक संरचना में कोई अंतर न हो।
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TRAFFIC (40) Duties and Responsibility (22) Control Organisation (20) Abnormal Working (18) Accident (17) Working (संचालन) (17) Systems & Equipment (12) LDCE Special Topic (11) Departmental Exam Special (8) Duty of Operating Staff (7) INDEX (6) Signals (6) Operating Statistics (5) Specification (5) TNC Guide (5) Automatic Section (4) Disaster Management (4) CAUTION ORDER / SPEED RESTRICTIONS (3) FREIGHT OPERATIONS INFORMATION SYSTEM (FOIS) (3) Question Bank (3) Railway (3) TNC (3) 01.035 Duty of Points Man/Shunt Man (2) Accident Drill (2) Automatic Signal (2) Break Binding (2) COA (2) Crank Handle (2) DUTIES OF STATION MASTER IN THE CASE OF ACCIDENTS (2) Data Logger (2) Defective Signals (2) Operating (2) P Way (2) Question with Answer (2) Safety Device (2) Train Manager (Guard) (2) fois (2) tnc. (2) 001. प्रस्तावना (1) 0010. स्टेशन संचालन नियम की अभिस्वीकृति रजिस्टर (क्र. 1 ) (1) 0011. कर्मचारी वैयक्तिक विवरण रजिस्टर (क्र. 2 ) (1) 0012. कर्मचारी परामर्श रजिस्टर (क्र. 3 ) (1) 0013. निरिक्षण रजिस्टर (क्र. 5 ) (1) 0014. एस एंड टी खराबी रजिस्टर (क्र. 7 ) (1) 0015. सतर्कता आदेश रजिस्टर (क्र. 8) (1) 0016. एस एंड टी खराबी मेमो बुक (क्र. 9 ) (1) 0017. दुर्घटना रजिस्टर (क्र. 11 ) (1) 0018. सतर्कता आदेश मैसेज बुक (क्र. 13) (1) 0019. संरक्षा तथा रजिस्टर (क्र. 14) (1) 002. स्टेशन मास्टर / उप स्टेशन मास्टर की ड्यूटी लिस्ट (1) 0020. डिस्कनेक्शन तथा रिकनेक्शन रजिस्टर (क्र. 15) (1) 0021. आपातकालीन क्रास ऑवर टेस्टिंग रजिस्टर (क्र. 16 ) (1) 0022. रिले रूम चाबी रजिस्टर (क्र. 19 ) (1) 0023. संयुक्त पाइंट एंड क्रासिंग रजिस्टर (क्र. 20) (1) 0024. संयुक्त ट्रैक सर्किट रजिस्टर (क्र. 20 A) (1) 0025. असामान्य संचालन रजिस्टर (क्र. 21 ) (1) 0026. स्टेबल लोड रजिस्टर (क्र. 22 ) (1) 0027. सिक बैगन रजिस्टर (क्र. 26) (1) 0028. क्रेक हैंडल टेस्टिंग रजिस्टर (1) 0029. इंजीनियरिंग एवं पॉवर ब्लाक रजिस्टर (1) 003. व्यक्तिगत परिचय (1) 0030. विभिन्न प्रकार के काउंटर नम्बर रजिस्टर (1) 0031. पैनल ब्लाक होने पर - स्टेशन मास्टर के कर्तव्य (1) 0033. गाड़ी संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण अधिकार पत्र (1) 0034. स्टेशन परिचालन रजिस्टर के संरक्षण की सामान्य अवधि (1) 0035. घंटी कोड (1) 0037. दोहरी लाइन पर इकहरी लाइन का संचालन (1) 0038. कार्यभार सौपते समय तथा कार्यभार लेते समय ली जाने वाली सावधानियां (1) 0039. संरक्षा उपस्कर (1) 004. पूनश्र्चर्या पाठ्यक्रम (1) 0041. शंटिंग के दौरान ली जाने वाली सावधानियां (1) 0042. विभिन्न प्रकार के ब्लाक में लि जाने वाली सावधानियां (1) 0046. सिग्नल पार करने (SPAD) पर स्टेशन मास्टर के कर्तव्य (1) 005. आवधिक चिकित्सा परीक्षा (PME) (1) 0051. बोगी कबर्ड बैगनो की जानकारी (1) 0052. कोचिंग स्टॉक का तकनीकी डाटा (1) 0054. LHB कोच की महत्वपूर्ण जानकारियाँ (1) 0056. स्टेशन पर अनिरक्षित किये जाने वाले अन्य रजिस्टर (लेखा विभाग से संबंधित ) (1) 0058. भरे हुए अधिकार पत्र (1) 006. संरक्षा परामर्श फार्म (1) 008. प्रायवेट नंबर शीट (1) 009. स्टेशन संचालन नियम (1) 01.01 History of Rail Transport in India (1) 01.02.Functions of the Traffic Department (1) 01.03. Hierarchical set up and line of control of Operating Department (1) 01.032 Duty of Deputy Station Manager (Outdoor)(Outdoor) (1) 01.034 Duty of Panel SM (1) 01.036 Duty of Gate Man (1) 01.037 Normal Period Of Preserved - Station Operating Registers and Records (1) 01.05. Basic Function of control (1) 01.06. Duties of Control Staff (1) 01.07. Books / documents and basic records to be kept in control office (1) 01.10. Registers generally maintained in control (1) 01.11. Items checked by Sr. DOM daily/ regular intervals periodically & monthly (1) 02.01 ट्रेन कंट्रोल एव गाड़िया संचालन में कंट्रोल के जिम्मदारी (1) 02.02 ट्रैफिक कंट्रोल (1) 02.02. Emergency Rescue Operation / Disaster Management (1) 02.03. PREFERENTIAL TRAFFIC ORDER (1) 02.03.पॉवर कंट्रोल (1) 02.04 वैगनो & इंजन की उपयोगिता (ENGINE UTILIZATION) (1) 02.04. Importance of Freight Operation: (1) 02.05. TRANSPORT PRODUCTS (1) 02.06. FREIGHT INCENTIVE SCHEMES (1) 02.07. Rationalization Order (1) 02.08. Development of rail-side warehouses (1) 02.09.. Wagon Pool (1) 03 - मास्टर चार्ट (MASTER CHART) (1) 03.01. LOCO LINKS AND POWER PLAN CREW LINKS (1) 03.02. 10-Hour Rule for Train Crew (1) 03.03. LOCO MAINTENANCE SCHEDULE (1) 03.05. G D R ( GUARD DRIVER REPORT ) (1) 03.06. NOMINATED INTENSIVE EXAMINATION POINTS ON CENTRAL RAILWAY (1) 03.07. WORKING OF CLAMPED WAGON (1) 03.08. ODC (1) 03.10.1 DETAILS OF BRAKE POWER CERTIFICATE (1) 04 - सुबह की पोजीशन (MORNING POSITION) (1) 04.01. Section Capacity and Throughput (1) 04.08. ROLL ON - ROLL OFF (1) 05 - बगाडी संचालन पर प्रभाव डालने वाले कारक (FATO) (1) 05.01. Systems of Working (1) 05.03. All Communication Failure on Double line (1) 05.04. All Communication Failure on Single line (1) 05.05. TSL working on Double line (1) 05.06. Abnormal Working in Automatic Section (1) 06 - 01.उपनगरीय नियंत्रण (SUBURBAN CONTROL) (1) 06 - 02.एरिया कंट्रोल (1) 06 - 04.सेंट्रल कंट्रोल (1) 06 - 05.Emergency control (1) 06- 03.ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (TRAIN MANAGEMENT SYSTEM) (1) 06.01. LOCO LINK (1) 06.02. RAKE LINK (1) 06.04. MARSHALLING OF TRAIN (1) 07 - नियंत्रण कार्यालय में विभाग नियंत्रकों के कर्त्तव्य (DUTIES) (1) 07.01. TIME TABLES – INTRODUCTION (1) 07.02. Punctuality (1) 07.03. COACHING VEHICLE CENSUS (1) 07.04. Rules for booking Special Coaches & Special Trains on FTR (1) 07.05. Coaching codes (1) 07.06. ACCIDENT AND SAFETY ORGANISATION (1) 08 - विभिन्न परिस्थियों में खण्ड नियंत्रक (SCOR) द्वारा किये जाने वाले कार्य (1) 09 - सवारी गाडी के कोड (IRCA Rule Book - IV) (1) 10 - संखियकी (STATISTICS) (1) 12 - 01.विशेष प्रकार के माल स्टॉक की मार्शलिंग (1) 12 - 02.माल गाडी का ब्लाक रेक / Standard rake size for Train load (1) 12 - 03.ओ डि सि (ODC) संचालन (1) 12 - यात्री और माल गाडी का ब्लाक रेक (1) 13 - 01.डीविज़न वैगन बैलेंस / (DIVISONAL WAGON BALANCE) (1) 14 - 01.थ्रू -पुट / THROUGH PUT (1) 14 - SECTION CAPACITY) (1) 15 - 01.मालगाड़ी को आदेशित करना (ट्रेन ओर्ड़ेरिंग / TRAIN ORDERING ) (1) 15 - 02.माल गाडी की औसात गति (1) 15 - 03.वैगनो का यानात्रण (Transhipment of Goods) (1) 15 - 07.गाड़ीयो का प्रस्थान पूर्व विलंब (PDD) (1) 15 - मालगाड़ी संचालन (Goods Train Operation) एवं लोड टेबल (1) 15 -06.कन्टेनराईजेशन Container (CONCOR) (1) 16 - 02.समय सारणी (TIME TABLE) (1) 16 - 03.रेक लिंक / (RAKE LINK) (1) 16 - 04.प्लेटफार्म ऑक्यूपेशन चार्ट / (Platform Occupation Chart) (1) 16 - 05.पिट लाइन ऑक्यूपेशन चार्ट (Pit Line Occupation Chart) (1) 16 - 06.विषेश/वी आई पी गाड़ीयो का संचालन (Movement of Special/VIP Trains) (1) 16 - 07.मेला एवं मिलिटरी स्पेशल गाड़ियों का संचालन एवं सावधानियाँ (1) 16 - यात्री गाडी संचालन / Passenger Train Operation (1) 17 - स्टॉक रिपोर्ट / Stock Report (1) 18 - 01.क्रू लिंक (CREW LINK) / लोको लिंक (LOCO LINK) (1) 18 - 02.दस घंटे नियम (10 HOURS RULE) (1) 18 - लॉबी कार्य पध्दति / LOBBY WORKING (1) 19 - 01.इंजन योजना (POWER PLAN) (1) 19 - 02.इंजन की उपयोगीता (ENGINE UTILISATION) (1) 19 - 03.विशिष्ठ उर्जा खपत / SPECIFIC FUEL CONSUMPTION (SPC) (1) 19 - विभिन प्रकार के इंजन और उनक हार्स पॉवर तथा गती (1) 2.1 Various Machines for Track Maintenance (1) 20 - 01. रेशनलाइजेशन स्कीम : / Rationalization Scheme (1) 20 - 02.रोक (BAN) & प्रतिबंध (RESTRICTION) (1) 20 - 03.वैगन पंजीकरण (1) 20 - 04.वैगन उपयोगीता चक्र (WTR) (1) 20 - 05.वेगन सेन्सस / WAGON CENSUS (1) 20 - वैगन उपयोगीता / अधिमान्य यातायात आदेश :(PTO/PTS) (1) 21 - 01.विधुतिकृत सेक्शन में गाड़िया का संचालन (1) 21 - 02.ट्रैफिक वोर्किंग रूल्स (TWR) (1) 21 - 03.टावर वैगन का संचालन (1) 21 - समपार (लेवल क्रासिंग ) (1) 22 - 01.सिगनल को खतरे की स्तिथि में पर करना (SPAD) (1) 22 - 03.दुर्घटना होने पर खंण्ड नियंत्रक के कर्त्तव्य (AM - ३१९) (1) 22 - 04.दुर्घटना स्थल के प्रभारी अधिकारी के कर्तव्य (AM - 324) (1) 22 - 05.मंडल नियंत्रण कार्यालय के प्रभारी अधिकारी के कर्तव्य - (AM - 323) (1) 22 - 06.दुर्घटना होने पर स्टेशन मास्टर की ड्यूटी (ऍम 311) (1) 22 - 07.रहत व्यवस्थाओ की ओर्ड़ेरिंग देना (AM - 405) (1) 22 - 11.नॉन - इंटरलॉकिंग संचालन (Non - Interlocked Working) (1) 22.10 सुरक्षा डेविसस (Safety Devices) - ACD EOIT GSMR TAWD VCD WILD (1) 23 - कंट्रोल ओफ्फिक निर्देश (1) 24 - COA Main Menu (1) 25 - अग्रीम प्लाटिंग (चार्टिंग) / Advance Plotting (1) 26 - 01.नियंत्रण कार्यालय अनुप्रयोग हेतु त्वरित दिशा निर्दश (1) 26 - COA एवं FOIS के एकीकरण (Integration) हेतु अवय्शक निर्दाश (1) 27 - पश्चिम मध्य रेल तथा मध्य रेल के सहायक नियमो में विभिन्नता की सूची (1) 28 - निरीक्षण उसके उदेश्य और प्रकार (Inspection Its Objects & Type) (1) 28.01 Schedule Of Inspection By Operating / Safety Officers And Transportation Inspectors (1) 3.031 DIESEL LOCO SCHEDULE & DURATION (1) 3.09 ELECTRIC LOCOMOTIVE FEATURES (1) A.01 भारतीय रेल का इतिहास एवं प्रगति (1) A.02. भारतीय रेल का संगठनात्मक ढांचा (1) A.03.परिचालन विभाग का सेटअप (1) A.04. महत्वपूर्ण विभागों के सामान्य कार्य (1) A.05 सामान्य एवं सहायक नियम ब्लाक संचालन नियमावली दुर्घटना नियमावली (1) A.06.परिचालन नियमावली/ संचालन समय सारिणी (1) A.07.स्टेशन संचालन नियम (1) A.08.रेल सेवको पर साधारण लागू होने वाले नियम (1) A.09.महत्वपूर्ण परिभाषाए (1) A.10.सिगनलों का सामान्य परिचय (1) A.11.पटाखा सिगनल (1) A.12.हाथ सिगनल (1) A.13.गाड़ी संचालन पध्दतियाँ (1) A.15.वाहनों को सुरक्षित करना (1) A.17.हॉट एक्सल/फ़्लैट टायर/ओपेन डोर एवं हैंकिंग पार्ट (1) A.19.स्टेशनों/यार्ड में रखे जाने वाले रजिस्टर (1) A.20.गाड़ी परिचालन में ट्रेन्स क्लर्क की भूमिका (1) A.21.गाड़ी संचालन से समबंधित महत्वपूर्ण नियम (1) A.22.कंट्रोल संगठन के कार्य (1) A.23.स्टेशन/यार्ड/कंट्रोल आफिस के क्रिया कलाप (1) A.24.विभिन्न प्रकार के कोचिंग एवं गुड्स स्टॉक (1) A.25.ब्रेक पावर प्रमाण पत्र (1) A.26.इंजन एवं ब्रेकयान में एयर प्रेशर की मात्रा (1) A.27.कंटीन्युटी टेस्ट (1) A.28.बड़े आयाम के प्रेषण (1) A.29.सेंसस एवं स्टॉक रिपोर्ट (1) A.30.मालगाड़ी संचालन/ गाडियों को आर्डर करना (1) A.31.डिविजन वैगन संतुलन (1) A.32.इन्टरचेंज (1) A.33.शंटिंग प्रतिबन्ध (1) A.35.वैगन पूल (1) A.36.वैगन उपयोगिता चक्र (1) A.37.परिचालन सांख्यिकी / परिचालन अनुपात (1) A.38.मोर्निंग पोजीशन फैटो (1) A.39.कोचिंग एवं गुड्स गाडियों की मार्शलिंग/घाट मार्शलिंग/रेक मार्शलिंग (1) A.41.जीडीआर चेक/ सेफ टू रन सर्टिफिकेट/ ओवर लोडिंग /अनइव्ह्न लोडिंग (1) A.42.लोड टेबल /एक्सल लोड / बैकिंग इंजन की आवश्यकता (1) A.43.माल गाडियों के विभिन्न प्रकार के ब्रेक पावर प्रमाणपत्र उनकी वैधता (1) A.44.स्थान शुल्क एवं विलंब शुल्क स्केटिंग (1) A.46.लोको आउटेज एवं इंजन उपयोगिता (1) ACD (1) ACF (1) ART - Accident Relief Train (1) AUTHORITIES USING IN TRAIN WORKING (1) AWS (1) Accident Inquiry (1) B.02.एफओआईएस/आर एस एम /टीएमएस /सीओआईएस/आईसीएमएस/पीएएम (1) B.05.यूटीएस/ पीआरएस UTS/PRS (1) B.06.ट्रेन मेनेजमेंट सिस्टम (1) B.07.एसीडी / टीसीएएस (1) BOOKED SPEED (1) Block working (1) CMS (1) CONCOR (1) Correction Slip (1) DFCCIL (1) Department (1) Duties of TNC (1) Duty (1) Duty List (1) Duty of Block Station Master / Manager (1) Duty of Station Master / Manager (1) Flat Tyre (1) Freight Train Operation (1) G.01 Code for LHB Coaching Stock (1) G.01 रेल सेवकों पर साधारणतया लागू होने वाले नियम (1) G.02 G & SR - परिभाषाएं (1) G.02 स्टेशन पर अग्निसमन उपकरण (1) G.03 इन्टरलाॅकिंग एवं नाॅन-इन्टरलाॅकिंग. (1) G.04 पाॅइन्ट एवं सिगनल (1) G.05 विभिन्न प्रकार की लाइटें एवं रिपीटर (1) G.06 संचालन मे आनेवाले विभिन्न प्रकार के बोर्डं (1) G.07 इंजीनियरिंग सिगनल एवं कार्यस्थल का बचाव (1) G.08 सिगनल तथा पाॅइन्ट की खराबी (1) G.10 कार्य संचालन पद्धति (1) G.11केवल एक गाड़ी पद्धति (1) G.12 सम्पूर्ण ब्लाॅक पद्धति (1) G.13 गाड़ियों का संचालन (1) G.14 स्टेशनों पर बजाई जाने वाली घंटीया (1) G.15 आटोमेटिक ब्लाॅक पद्धति (1) G.16 अनुगामी गाड़ी पद्धति (1) G.17 सतर्कता आदेश (1) G.18 अवरुद्ध लाइन (1) G.19 शन्टिंग (1) G.21 मार्शलिंग एवं डेड इंजन का संचालन (1) G.21 गाड़ी को स्टेशन से रवाना करना (1) G.23 समयपालन (1) G.24 लोको पायलट व गार्ड के निजी उपकरण (1) G.25 गार्ड व लोको पायलट से संबंधित रजिस्टर व प्रपत्र (1) G.26 रनिंग लाइन पर लोड को स्टेबल व क्लीयर करना (1) G.28 लोको पायलट व गार्ड की ड्यूटी (1) G.29 विभिन परिस्थितियों में लोको पायलट की ड्यूटी (1) G.30 मेटेरियल ट्रेन का संचालन (1) G.31 विभिन्न परिस्थितियों मे स्टेशन मास्टर की ड्यूटी (1) G.32 गाड़ियों की गति (1) G.33 कैच एवं स्लिप साइडिंग (1) G.33 स्टेशनों पर विभिन्न उपकरण (1) G.34 लाॅक एवं ब्लाॅक उपकरण (1) G.35 असामान्य परिस्थितियों में गाड़ियों का संचालन (1) G.36 इंजन सीटी कोड (1) G.37 ई एम यू / एम ई एम यू / डी एम यू में संके तहेतु बेल कोड (1) G.37 नए परिचालन फाॅर्म (1) G.38 इंजीनियरिंग कार्य प्रणाली व इंजीनियरिंग वाहनों का संचाल (1) G.38 पावर ब्लाॅक (1) G.40 गाड़ी लिपिक के रजिस्टर व कार्यप्रणाली (1) Golden Hour (1) Group "B" (1) HKT (1) Hotter Code (1) ICMS (1) IRCON (1) IRCTC (1) KNOW ABOUT - जन शिकायत पुस्तिका (1) LED Torch (1) Lobby system (1) Loco Pilot Duty (1) MPS (1) MRV-Medical Relief Van (1) Medical Care (1) Mock Drill (1) NDMA (1) NTES (1) Operating Ratio (1) Pad Lock (1) Private Number (1) Python Rake (1) Question Bank & Papers With Answer For Group "B" / Guard / Station Master etc Exam (1) RITES (1) RailTel (1) Responsibility of Station Master (supervisory) (1) Rule. Manual (1) S 01.0 Significance Of Rule Books (1) S 01.01 Differences Between General And Subsidiary Rules (1) S 02.00 Rules And Instructions (1) S 03.00 Rules Applying To The Railway Servant Generally (1) S 04.00 Definition Of Operating Terms (1) S 05.00 Classification Of Station (1) S 07.00 DETONATING SIGNAL (1) S 08.00 Hand Signal (1) S 09.00 Traffic Board And Engineering Indicators (1) S 11.00 CONDITIONS FOR TAKING OFF SIGNALS (1) S 12.00 CONDITIONS FOR CLEARING THE SECTION AND PRECAUTIONS (1) S 13.00 AUTHORITIES USING IN TRAIN WORKING (1) S 14.00 INTERLOCKING AND ISOLATION (1) S 15.00 POINTS (1) S 16.00 WORKING OF TRAINS DURING OVERHAULING (1) S 17.00 DEFECTIVE POINTS (1) S 20.00 Reception Dispatch And Crossing Of Train At Station (1) S 21.00 SHUNTING (1) S 22.00 PUSHING BACK OF TRAIN (1) S 23.00 SECURING VEHICLES AT STATION (1) S 24.00 VEHICLES ESCAPING FROM STATION (1) S 25.00 WORKING OF MATERIAL TRAIN (1) S 25.01 Procedure of sending material train into the Block Section (1) S 25.02 STABLING OF MATERIAL TRAIN (1) S 26.00 HOT AXLE AND FLAT TYRE (1) S 27.00 WORKING OF TRAIN WITHOUT BRAKE VAN (1) S 28.00 STANDARD TIME (1) S 29.00 SPEED CHART (1) S 30.00 ELECTRIC BLOCK INSTRUMENT (1) S 31.00 TAIL LAMP AND TAIL BOARD (1) S 36.00 TRAIN PARTING (1) S 37.00 TRAIN DIVIDING (1) S 38.00 SEND ASSISTING ENGINE INTO OBSTRUCTED BLOCK SECTION (1) S 39.00 TRAIN DELAYED IN BLOCK SECTION (1) S 42.00 YARD (1) S 43.00 DUTIES OF STATION STAFF TOWARDS CONTROL (1) S 44.00 WAGON EXCHANGE REGISTER (1) S 45.00 STOCK REPORT (1) S 46.00 WORKING OF TRAIN IN GHAT SECTION / CATCH AND SLIP SIDING (1) S 47.00 MEANS OF COMMUNICATION AND WHISTLE CODE (1) S 48.00 ACTION TAKEN DURING THE ACP (1) S 49.00 WORKING OF TRAIN DURING STORM / ANEMOMETER CYCLONE (1) S 50.00 FIRE IN TRAIN (1) S 51.00 INFORMATION SYSTEM / COA/ FOIS/ ICMS/ PRS etc (1) S 53.00 LOCOMOTIVE LIGHT (1) S 54.00 WORKING OF TRAIN IN ELECTRIFIED SECTION AND TOWER WAGON (1) S 55.00 LEVEL CROSSING GATE (1) S 56.00 OVER DIMENSIONAL CONSIGNMENT (O.D.C. ) (1) S 57.00 MARSHALLING (1) S 60.00 MANSOON PATROLLING (1) S 61.00 DEFECTIVE PARMANENT WAY (1) S 62.00 WORKING OF LONG HAUL TRAINS (PYTHON) ON CENTRAL RAILWAY (1) S 63.00 HEAVY HAUL TRAINS (1) S 64.00 ABBREVIATION (1) S 65.00 DIFFERENCE BETWEEN SUBSIDIARY RULES OF CR AND WCR (1) SERIOUS ACCIDENT (ऍम 105) (1) SH (1) SPEED ON TURNOUTS (1) Safety Chain (1) Scotch Block (1) Skid (1) Station Earning (1) Station Inspection (1) Station Manager (1) TYPES OF TRACK MACHINE (1) VTO (1) Vehicle Guidance (1) Video (1) WAGON CENSUS ON BROAD GAUGE (1) WORKING OF TRACK MACHINE (TTM etc.) (1) WORKING OF TROLLY/LORRY (1) Yard Congestion (1) long Haul (1) अग्रदाय राशि (Imprest Cash) (1) काॅमन स्टार्टर पर गाड़ी का संचालन (1) परिचालन सूचना प्रणाली (1) पाइथाॅन रैक का संचालन (1) बिना सिगनल वाली लाइन (1) योजना बनाने में स्टेशन मास्टर की भूमिका (1) सार्वजानिक क्षेत्र के उपक्रम और अन्य संगठन (PSUs) (1) सिगनल खराब होने पर गाड़ियों का संचालन (1) सिगनलों का आदान प्रदान (1) स्टेशन मास्टर अवश्य ध्यान दे (1)