भारतीय रेलवे में ट्रेन मैनेजर (Train Manager), जिसे पूर्व में गार्ड (Guard) कहा जाता था, सुरक्षित एवं नियमित रेल संचालन का एक महत्वपूर्ण संरक्षा श्रेणी (Safety Category) का कर्मचारी है। ट्रेन के प्रस्थान से लेकर गन्तव्य स्टेशन तक सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में उसकी भूमिका लोको पायलट, स्टेशन मास्टर तथा अन्य परिचालन कर्मचारियों के साथ समान रूप से महत्वपूर्ण होती है।
ट्रेन मैनेजर की जिम्मेदारी केवल गाड़ी के पीछे उपस्थित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरी यात्रा के दौरान गाड़ी की पूर्णता (Train Integrity), सुरक्षित संचालन (Safe Train Operation), परिचालन समन्वय (Operational Coordination), यात्रियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तथा लागू रेलवे नियमों के पालन के लिए उत्तरदायी होता है।
General & Subsidiary Rules (G&SR), Operating Manual, Block Working Manual, Accident Manual तथा Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार ट्रेन मैनेजर को Sign On से लेकर Sign Off तक प्रत्येक चरण में निर्धारित कर्तव्यों का पालन करना होता है।
Railway Operating Department की LDCE, GDCE तथा अन्य Departmental Examinations में ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इस अध्याय में केवल कर्तव्यों की सूची नहीं, बल्कि प्रत्येक चरण में ट्रेन मैनेजर की प्रमुख जिम्मेदारियों का क्रमबद्ध एवं परीक्षा-उपयोगी विवरण प्रस्तुत किया गया है। जिन विषयों जैसे Brake Power Certificate (BPC), Train Protection, Train Parting, Hot Axle, Alarm Chain Pulling (ACP), ODC, Dangerous Goods तथा Accident Working के अलग अध्याय निर्धारित हैं, उनका यहाँ केवल संक्षिप्त उल्लेख किया गया है।
1. Sign On से पूर्व ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी
ड्यूटी पर आने से पहले ट्रेन मैनेजर को स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से कार्य के लिए पूर्णतः तैयार रखना चाहिए। पर्याप्त विश्राम के बिना ड्यूटी करना सुरक्षित रेल संचालन के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
संरक्षा श्रेणी (Safety Category) के कर्मचारी होने के कारण उसे निर्धारित अवधि के भीतर किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ अथवा शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। रेलवे परिसर अथवा ड्यूटी के दौरान नशामुक्त रहना अनिवार्य है।
ड्यूटी पर निर्धारित समय से पूर्व पहुँचना, निर्धारित वर्दी (Uniform), पहचान-पत्र (Identity Card) तथा आवश्यक व्यक्तिगत सामग्री के साथ उपस्थित होना उसकी जिम्मेदारी है।
जहाँ CMS, Kiosk अथवा अन्य अधिकृत प्रणाली लागू हो, वहाँ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Sign On करना चाहिए।
2. Sign On के बाद की जिम्मेदारियाँ
Sign On करने के बाद ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसे वर्तमान ड्यूटी से संबंधित सभी आवश्यक परिचालन एवं संरक्षा निर्देश प्राप्त हो गए हैं।
विशेष रूप से उसे निम्नलिखित का अध्ययन करना चाहिए—
- Rule Orders
- Safety Circulars
- Caution Orders
- Special Instructions
- Temporary Speed Restrictions (जहाँ लागू हों)
- अन्य स्थानीय परिचालन निर्देश
यदि किसी आदेश का प्रभाव उसकी ड्यूटी पर पड़ता है, तो उसका पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त अपनी घड़ी का समय स्टेशन अथवा कंट्रोल के मानक समय से मिला लेना चाहिए ताकि परिचालन में समय संबंधी त्रुटि न हो।
3. व्यक्तिगत योग्यता एवं आवश्यक अभिलेख
ड्यूटी ग्रहण करने के बाद ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—
- उसकी Competency वैध है।
- Medical Fitness की अवधि समाप्त नहीं हुई है।
- Rule Books उपलब्ध हैं।
- Rule Books में नवीनतम Correction Slips सम्मिलित हैं।
- आवश्यक परिचालन प्रपत्र उपलब्ध हैं।
- उसे वर्तमान नियमों एवं निर्देशों का पर्याप्त ज्ञान है।
LDCE परीक्षा की दृष्टि से यह समझना आवश्यक है कि नियमों का अद्यतन ज्ञान (Updated Knowledge) सुरक्षित रेल संचालन का आधार है।
4. Guard Equipment / Train Manager Equipment की जाँच
गाड़ी का चार्ज लेने से पहले ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके पास निर्धारित Guard Equipment उपलब्ध एवं कार्यशील है।
जहाँ लागू हो, उसमें सामान्यतः निम्नलिखित सामग्री सम्मिलित होती है—
- Hand Signal Lamp
- Red एवं Green Flags
- Detonators
- Walkie-Talkie
- Portable Telephone
- First Aid Box
- Fire Extinguisher
- ETL Box
- Rough Journal
- आवश्यक Rule Books
यदि कोई उपकरण अनुपलब्ध अथवा खराब हो, तो नियमानुसार संबंधित अधिकारी को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
नोट: Guard Equipment की विस्तृत सूची एवं उपयोग संबंधित अध्याय में दिया जाएगा।
5. गाड़ी का चार्ज लेने से पूर्व
गाड़ी का चार्ज लेने से पहले ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाड़ी संचालन के लिए पूर्णतः तैयार है।
विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जाँच आवश्यक है—
- Vehicle Guidance उपलब्ध है तथा उसका मिलान किया गया है।
- Marshalling नियमानुसार है।
- Couplings सही प्रकार से जुड़े हुए हैं।
- Brake Pipes सामान्य स्थिति में हैं।
- आवश्यक Hand Brakes Release Position में हैं।
- अंतिम वाहन सही प्रकार से जुड़ा हुआ है।
जहाँ संभव हो, Train Manager को गाड़ी का दृश्य निरीक्षण (Visual Inspection) भी करना चाहिए ताकि किसी स्पष्ट असामान्यता का समय रहते पता चल सके।
6. Brake Power Certificate (BPC)
गाड़ी रवाना होने से पहले ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाड़ी के लिए वैध Brake Power Certificate (BPC) उपलब्ध है।
यदि Brake Power Certificate उपलब्ध न हो अथवा उसमें किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो गाड़ी का संचालन नियमानुसार ही किया जाना चाहिए।
LDCE Exam Point
Departure से पूर्व BPC की उपलब्धता एवं वैधता सुनिश्चित करना ट्रेन मैनेजर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
नोट: Brake Power Certificate की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
7. Passenger Train की जाँच एवं चार्ज ग्रहण
यदि गाड़ी यात्री गाड़ी (Passenger Train) है, तो ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाड़ी यात्रियों के सुरक्षित संचालन के लिए पूर्णतः तैयार है।
विशेष रूप से निम्नलिखित बातों की जाँच आवश्यक है—
- कोचों के दरवाजे सुरक्षित स्थिति में हैं।
- आवश्यकतानुसार Vestibule Connections सुरक्षित हैं।
- जहाँ कोई Vestibule अथवा Passage यात्रियों के लिए असुरक्षित हो, वहाँ उसे नियमानुसार बंद एवं लॉक किया गया है।
- SLR/Brake Van तथा अन्य निर्धारित कोच सही स्थिति में लगे हुए हैं।
- Passenger Communication व्यवस्था कार्यशील है।
- जहाँ लागू हो, आवश्यक यात्री सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
यदि किसी प्रकार की संरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो संबंधित कर्मचारी को तत्काल सूचित कर उसका निराकरण कराया जाना चाहिए।
LDCE Exam Point
Passenger Safety, Train Manager की प्राथमिक जिम्मेदारियों में से एक है।
8. Goods Train की जाँच
यदि गाड़ी मालगाड़ी (Goods Train) है, तो Train Manager को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी वैगन सुरक्षित एवं संचालन योग्य स्थिति में हैं।
विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए—
- Loaded Wagons के दरवाजे सही प्रकार से बंद हैं।
- आवश्यक Seals सही अवस्था में हैं।
- Safety Labels नियमानुसार लगे हुए हैं।
- Empty Wagons का आवश्यक निरीक्षण किया गया है।
- ODC (Over Dimensional Consignment), यदि लगा हो, तो उसके लिए आवश्यक निर्देश उपलब्ध हैं।
- Dangerous Goods, Dead Engine, Crane अथवा Livestock Wagon होने पर लागू नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
LDCE Exam Point
Goods Train में Loaded Wagon की Seal एवं Safety Label की जाँच एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
नोट: ODC, Dangerous Goods, Dead Engine एवं Crane Working की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्यायों में दी जाएगी।
9. Departure से पूर्व अंतिम जाँच
गाड़ी को स्टेशन से रवाना करने से पहले Train Manager को अंतिम बार यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाड़ी सभी दृष्टियों से सुरक्षित है।
विशेष रूप से निम्नलिखित की पुष्टि करनी चाहिए—
- Brake Power Certificate (BPC) उपलब्ध है।
- Vehicle Guidance का मिलान हो चुका है।
- Marshalling नियमानुसार है।
- Tail Board अथवा Tail Lamp सही प्रकार से लगा है।
- आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं।
- गाड़ी पूर्ण (Complete Train) है।
- लोको पायलट एवं स्टेशन मास्टर के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित है।
यदि किसी भी प्रकार की संरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे, तो उसे दूर किए बिना गाड़ी को रवाना नहीं किया जाना चाहिए।
10. गाड़ी रवाना करते समय ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी
गाड़ी तभी रवाना की जानी चाहिए जब सभी निर्धारित परिचालन औपचारिकताएँ पूर्ण हो जाएँ तथा अधिकृत प्रस्थान संकेत प्राप्त हो।
Train Manager को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—
- Station Master द्वारा गाड़ी चलाने की अनुमति दी जा चुकी है।
- सभी कर्मचारी अपनी-अपनी निर्धारित स्थिति में हैं।
- कोई कर्मचारी गाड़ी के नीचे अथवा असुरक्षित स्थान पर कार्य नहीं कर रहा है।
- यात्रियों का चढ़ना-उतरना पूर्ण हो चुका है।
- प्रस्थान सुरक्षित है।
इसके बाद ही नियमानुसार लोको पायलट को Proceed Signal दिया जाना चाहिए।
LDCE Exam Point
Train Manager बिना सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित किए Proceed Signal नहीं देगा।
11. यात्रा के दौरान ट्रेन मैनेजर की सामान्य ड्यूटी
गाड़ी के चलने के बाद Train Manager की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी Continuous Vigilance (निरंतर सतर्कता) है।
पूरी यात्रा के दौरान उसे निम्नलिखित बातों पर निरंतर ध्यान देना चाहिए—
- गाड़ी सामान्य रूप से चल रही है।
- किसी प्रकार की असामान्य आवाज, झटका या कंपन नहीं है।
- Tail Lamp/Tail Board सही स्थिति में है।
- Train Integrity बनी हुई है।
- आवश्यकतानुसार लोको पायलट के साथ Hand Signal का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
- किसी कर्मचारी द्वारा Danger Signal अथवा अन्य Hand Signal तो नहीं दिया जा रहा है।
- मार्ग में किसी प्रकार की असामान्य स्थिति तो नहीं है।
यात्रा के दौरान सतर्क अवलोकन (Continuous Observation) ही सुरक्षित रेल संचालन का आधार है।
12. दूसरी गाड़ियों (Crossing/Opposite Train) का निरीक्षण
जब किसी स्टेशन अथवा Block Section में दूसरी गाड़ी पास से गुजरती है, तो Train Manager को उस गाड़ी का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करना चाहिए।
यदि दूसरी गाड़ी में निम्नलिखित में से कोई असामान्यता दिखाई दे—
- Smoke
- Fire
- Hanging Part
- Open Door
- Wagon Defect
- Hot Axle के संकेत
- Tail Lamp की कमी
- अन्य कोई संरक्षा संबंधी असामान्यता
तो उपलब्ध साधनों से संबंधित लोको पायलट अथवा स्टेशन कर्मचारी को तत्काल सूचित करना चाहिए।
LDCE Exam Point
Passing Train Observation Railway Operating की महत्वपूर्ण संरक्षा जिम्मेदारी है।
13. Track Maintenance Staff एवं Gateman के Hand Signals
यात्रा के दौरान यदि किसी Track Maintenance Gang, Gateman अथवा अन्य अधिकृत रेलवे कर्मचारी द्वारा Hand Signal दिया जाए, तो Train Manager को उस संकेत पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
यदि Danger Signal दिया गया हो, तो नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
यह Duty विशेष रूप से Engineering एवं Operating Department के समन्वय से संबंधित है।
14. लोको पायलट के साथ समन्वय
Safe Train Operation के लिए Train Manager एवं Loco Pilot के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।
जहाँ आवश्यक हो—
- Hand Signals
- Walkie-Talkie
- अधिकृत संचार माध्यम
का उपयोग कर परिचालन समन्वय बनाए रखना चाहिए।
यदि किसी भी कर्मचारी को गाड़ी की संरक्षा पर संदेह हो, तो तत्काल दूसरे कर्मचारी को सूचित करना चाहिए।
15. Train Integrity (गाड़ी की पूर्णता)
यात्रा के दौरान समय-समय पर Train Manager को यह सुनिश्चित करते रहना चाहिए कि गाड़ी पूर्ण (Complete Train) है तथा किसी प्रकार का Train Parting नहीं हुआ है।
विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए—
- Tail Lamp/Tail Board
- Brake Continuity के संकेत
- गाड़ी की सामान्य Running
- असामान्य झटका अथवा आवाज
यदि Train Parting का संदेह हो, तो तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
LDCE Exam Point
Train Integrity बनाए रखना Train Manager की सबसे महत्वपूर्ण परिचालन जिम्मेदारियों में से एक है।
नोट: Train Parting की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
16. Brake Performance एवं Brake Continuity पर निगरानी
यात्रा के दौरान ट्रेन मैनेजर को समय-समय पर यह सुनिश्चित करते रहना चाहिए कि गाड़ी की ब्रेक प्रणाली सामान्य रूप से कार्य कर रही है। जहाँ ब्रेक गेज अथवा अन्य संकेत उपलब्ध हों, वहाँ उनके आधार पर Brake Continuity पर निगरानी रखनी चाहिए।
यदि ब्रेक प्रेशर में असामान्य परिवर्तन, Brake Binding अथवा Brake Failure का संदेह हो, तो तत्काल लोको पायलट को सूचित कर लागू नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
LDCE Exam Point
यात्रा के दौरान Brake Performance पर सतर्क निगरानी रखना सुरक्षित संचालन का महत्वपूर्ण भाग है।
नोट: Brake Power, Brake Failure एवं Air Brake System की विस्तृत जानकारी संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
17. Hot Axle / Hot Box की स्थिति
यदि यात्रा के दौरान किसी कर्मचारी, स्टेशन स्टाफ, Wayside Detection System अथवा अन्य माध्यम से Hot Axle, Hot Box या किसी यांत्रिक दोष की सूचना प्राप्त होती है, तो ट्रेन मैनेजर को तत्काल लोको पायलट को सूचित कर गाड़ी की सुरक्षित गति कम करवाने अथवा आवश्यक होने पर गाड़ी रुकवाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
गाड़ी रुकने के बाद संबंधित वैगन अथवा कोच का निरीक्षण किया जाना चाहिए तथा आगे की कार्रवाई G&SR, Operating Manual एवं Accident Manual के अनुसार की जानी चाहिए।
LDCE Exam Point
Hot Axle की सूचना को कभी भी सामान्य घटना नहीं मानना चाहिए। यह सुरक्षित रेल संचालन से सीधे जुड़ा विषय है।
नोट: Hot Axle की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
18. आग (Fire) की स्थिति
यदि यात्रा के दौरान किसी कोच, वैगन अथवा इंजन में आग लगने की सूचना मिले, तो ट्रेन मैनेजर को बिना विलंब के लोको पायलट, स्टेशन मास्टर एवं कंट्रोल को उपलब्ध संचार माध्यम से सूचित करना चाहिए।
स्थिति के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा, गाड़ी की सुरक्षा तथा आवश्यक होने पर Train Protection सुनिश्चित करनी चाहिए। उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) का उपयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब ऐसा करना सुरक्षित हो।
LDCE Exam Point
आग लगने की स्थिति में प्रथम प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा, उसके बाद ट्रेन की सुरक्षा तथा समय पर सूचना देना है।
नोट: Fire Accident की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
19. Alarm Chain Pulling (ACP)
यात्री गाड़ी में Alarm Chain Pulling होने पर ट्रेन मैनेजर को निर्धारित नियमों के अनुसार कारण का पता लगाना चाहिए तथा यात्रियों एवं गाड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
यदि ACP वास्तविक आपात स्थिति के कारण हुआ हो, तो आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई करनी चाहिए। यदि ACP का दुरुपयोग पाया जाए, तो लागू नियमों के अनुसार रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए।
LDCE Exam Point
ACP की प्रत्येक घटना की जाँच एवं रिपोर्टिंग आवश्यक है।
नोट: ACP Rules एवं संबंधित प्रपत्रों की विस्तृत जानकारी अलग अध्याय में दी जाएगी।
20. OHE (Overhead Equipment) से संबंधित असामान्य स्थिति
विद्युतीकृत (Electrified) सेक्शन में यदि OHE टूटने, झुकने अथवा किसी अन्य विद्युत संबंधी असामान्य स्थिति की जानकारी मिले, तो ट्रेन मैनेजर को गाड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।
OHE के निकट किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते समय यह मानकर चलना चाहिए कि OHE विद्युत प्रवाहित (Live) हो सकती है। जब तक अधिकृत विद्युत अधिकारी OHE को सुरक्षित घोषित न करे, तब तक उसके निकट जाने अथवा उसे स्पर्श करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
LDCE Exam Point
विद्युतीकृत सेक्शन में OHE को सदैव Live मानकर ही कार्य करना चाहिए।
21. Train Protection (गाड़ी की सुरक्षा)
यदि ब्लॉक सेक्शन में गाड़ी रुक जाए, दुर्घटना हो जाए, Train Parting हो जाए अथवा ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न हो जाए जिससे पीछे से आने वाली गाड़ी के लिए खतरा हो सकता हो, तो ट्रेन मैनेजर को तत्काल Train Protection की कार्रवाई करनी चाहिए।
Protection करते समय G&SR, Block Working Manual तथा Accident Manual के लागू प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। आवश्यकता पड़ने पर Detonators, Hand Signals तथा अन्य निर्धारित सुरक्षा साधनों का उपयोग किया जाना चाहिए।
LDCE Exam Point
Train Protection में विलंब गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
नोट: Protection Distance, Detonators, T/Forms तथा अन्य विस्तृत प्रक्रियाएँ संबंधित अध्याय में दी जाएँगी।
22. Block Working Manual के अंतर्गत प्रमुख जिम्मेदारियाँ
Block Section में Train Manager को विशेष सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि स्टेशन सीमा के बाहर किसी भी असामान्य स्थिति का सीधा प्रभाव रेल संरक्षा पर पड़ सकता है।
ऐसी परिस्थितियों में उसकी प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं—
- Block Section में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना।
- आवश्यकता पड़ने पर Train Protection करना।
- Push Back केवल निर्धारित नियमों एवं अधिकृत अनुमति के अनुसार कराना।
- Communication Failure अथवा अन्य विशेष परिस्थितियों में लागू नियमों का पालन करना।
- लोको पायलट, स्टेशन मास्टर एवं कंट्रोल के साथ समन्वय बनाए रखना।
LDCE Exam Point
Block Working में Train Protection एवं Communication सबसे महत्वपूर्ण विषय हैं।
नोट: Push Back, Block Failure, Authority to Proceed तथा Communication Failure की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्यायों में दी जाएगी।
23. Accident Manual के अंतर्गत प्रमुख जिम्मेदारियाँ
दुर्घटना, अवपतन (Derailment), टक्कर (Collision), आग, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य गंभीर असामान्य स्थिति में ट्रेन मैनेजर को शांत रहकर निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करना चाहिए।
उसकी प्रमुख जिम्मेदारियाँ हैं—
- यात्रियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- आवश्यकता पड़ने पर Train Protection करना।
- दुर्घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना।
- Rescue एवं Relief कार्य में सहयोग करना।
- आवश्यक अभिलेख एवं जानकारी उपलब्ध कराना।
- दुर्घटनास्थल से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट तैयार करना।
LDCE Exam Point
दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिकताएँ—
- मानव जीवन की सुरक्षा।
- Train Protection।
- सूचना देना।
- Rescue एवं Relief।
- नियमानुसार रिपोर्टिंग।
नोट: Accident Classification, ART, ARMV, Joint Note, Preservation of Evidence आदि की विस्तृत जानकारी संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
24. गन्तव्य स्टेशन (Destination Station) पर पहुँचने के बाद ट्रेन मैनेजर की ड्यूटी
गन्तव्य स्टेशन पर पहुँचने के बाद भी ट्रेन मैनेजर की जिम्मेदारियाँ समाप्त नहीं होतीं। गाड़ी के सुरक्षित आगमन के पश्चात यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि परिचालन, संरक्षा तथा अभिलेख संबंधी सभी कार्य नियमानुसार पूर्ण किए जाएँ।
सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाड़ी पूर्ण (Complete Train) है तथा निर्धारित लाइन पर सुरक्षित रूप से खड़ी है।
यदि गाड़ी Fouling Mark से आगे खड़ी हो अथवा किसी कारण से Fouling Mark Clear न हो, तो इसकी सूचना तत्काल स्टेशन मास्टर को देनी चाहिए तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
LDCE Exam Point
Destination Station पर सबसे पहला कार्य Complete Train एवं Fouling Mark Clear सुनिश्चित करना है।
25. Train Intact एवं सुरक्षित आगमन की पुष्टि
ट्रेन मैनेजर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरी गाड़ी सुरक्षित रूप से गन्तव्य स्टेशन तक पहुँच गई है तथा किसी प्रकार का Train Parting अथवा Rolling Stock Loss नहीं हुआ है।
जहाँ लागू हो, Train Intact Register अथवा अन्य निर्धारित अभिलेख में नियमानुसार आवश्यक प्रविष्टि करनी चाहिए।
यदि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असामान्यता हुई हो, तो उसका उल्लेख भी संबंधित अभिलेख में किया जाना चाहिए।
26. Vehicle Guidance एवं परिचालन अभिलेख
यात्रा पूर्ण होने के बाद Train Manager को निर्धारित परिचालन अभिलेख संबंधित अधिकारी को सौंपने चाहिए।
इनमें मुख्य रूप से—
- Vehicle Guidance
- Combined Train Report
- Rough Journal
- अन्य निर्धारित परिचालन प्रपत्र
शामिल हो सकते हैं।
सभी प्रविष्टियाँ स्पष्ट, सही एवं पूर्ण होनी चाहिए क्योंकि ये भविष्य में परिचालन एवं जाँच दोनों के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख होते हैं।
27. गाड़ी में पाई गई खराबियों की रिपोर्ट
यदि यात्रा के दौरान किसी कोच, वैगन, ब्रेक प्रणाली, कपलिंग, दरवाजे, सील अथवा अन्य किसी उपकरण में खराबी दिखाई दी हो, तो उसकी सूचना संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार देनी चाहिए।
यदि आवश्यक हो तो Defect Report तैयार कर संबंधित विभाग को उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि अगली यात्रा से पहले दोष दूर किया जा सके।
LDCE Exam Point
Running Defects की समय पर रिपोर्टिंग सुरक्षित रेल संचालन का महत्वपूर्ण भाग है।
28. Hand Brake एवं Gradient संबंधी सावधानियाँ
यदि गाड़ी ऐसी लाइन पर खड़ी है जहाँ ढाल (Gradient) है और इंजन को गाड़ी से अलग किया जाना है, तो आवश्यक संख्या में Hand Brakes लगाकर गाड़ी को सुरक्षित करना चाहिए।
गाड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना इंजन अलग नहीं किया जाना चाहिए।
नोट: Gradient Working की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित अध्याय में दी जाएगी।
29. Parcel, Luggage एवं अन्य चार्ज का हस्तांतरण
यदि ट्रेन मैनेजर के पास Parcel, Luggage अथवा अन्य अधिकृत चार्ज हो, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित कर्मचारी को सौंपना चाहिए।
सभी हस्तांतरण नियमानुसार दर्ज किए जाने चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
30. Sign Off से पूर्व की जिम्मेदारियाँ
Off Duty होने से पहले Train Manager को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—
- सभी आवश्यक रिपोर्ट जमा कर दी गई हैं।
- Combined Train Report पूर्ण कर दी गई है।
- Rough Journal की आवश्यक प्रविष्टियाँ कर दी गई हैं।
- Vehicle Guidance जमा कर दी गई है।
- Defect Report (यदि आवश्यक हो) प्रस्तुत कर दी गई है।
- Railway Equipment नियमानुसार जमा कर दिया गया है।
- किसी विशेष घटना की सूचना संबंधित अधिकारी को दे दी गई है।
इसके बाद निर्धारित प्रणाली के अनुसार Sign Off करना चाहिए।
जहाँ CMS, Kiosk अथवा अन्य अधिकृत प्रणाली लागू हो, वहाँ उसी के अनुसार Off Duty दर्ज करनी चाहिए।
31. Railway Board के महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
Railway Board समय-समय पर सुरक्षित रेल संचालन के लिए विभिन्न दिशा-निर्देश जारी करता है। प्रत्येक Train Manager को इनका पालन करना चाहिए।
विशेष रूप से निम्नलिखित बातों का सदैव ध्यान रखना चाहिए—
- सुरक्षित रेल संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- Safety Category कर्मचारी सदैव नशामुक्त अवस्था में ड्यूटी करें।
- नवीनतम Rules, Circulars एवं Instructions का अध्ययन करते रहें।
- किसी भी असामान्य स्थिति में विलंब किए बिना नियमानुसार कार्रवाई करें।
- Train Protection में कभी भी लापरवाही न करें।
- लोको पायलट, स्टेशन मास्टर एवं कंट्रोल के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखें।
- यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
- Railway Board द्वारा समय-समय पर जारी नवीनतम Safety Instructions का पालन करें।
32. Train Manager के लिए संरक्षा के मूल सिद्धांत
एक दक्ष Train Manager को निम्नलिखित पाँच मूल सिद्धांत सदैव ध्यान में रखने चाहिए—
- Safety First – प्रत्येक परिस्थिति में संरक्षा सर्वोपरि है।
- Rule First – प्रत्येक कार्रवाई लागू रेलवे नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
- Communication – समय पर सही सूचना देना सुरक्षित संचालन का आधार है।
- Coordination – लोको पायलट, स्टेशन मास्टर एवं अन्य कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
- Alertness – निरंतर सतर्कता ही दुर्घटनाओं की रोकथाम का सबसे प्रभावी साधन है।
Railway Operating Department LDCE – महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु
ट्रेन मैनेजर (पूर्व पदनाम–गार्ड) की ड्यूटी से संबंधित निम्नलिखित तथ्य Railway Operating LDCE, GDCE एवं अन्य Departmental Examinations की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Sign On एवं चार्ज ग्रहण
- ट्रेन मैनेजर Safety Category का कर्मचारी है।
- ड्यूटी पर आने से पूर्व पर्याप्त विश्राम एवं नशामुक्त स्थिति अनिवार्य है।
- निर्धारित समय पर Sign On करना चाहिए।
- Rule Orders, Safety Circulars, Caution Orders एवं Special Instructions का अध्ययन करना चाहिए।
- Competency, Medical Validity एवं Rule Books की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
- Guard Equipment पूर्ण एवं कार्यशील होना चाहिए।
Departure से पूर्व
- Vehicle Guidance का मिलान करना।
- Marshalling नियमानुसार होना।
- Brake Power Certificate (BPC) की उपलब्धता एवं वैधता सुनिश्चित करना।
- Tail Board/Tail Lamp सही स्थिति में होना।
- Passenger Train एवं Goods Train की आवश्यक जाँच करना।
- Loaded Wagon की Seal एवं Safety Labels की जाँच करना।
- ODC, Dangerous Goods, Dead Engine आदि के लिए आवश्यक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना।
यात्रा के दौरान
- Continuous Vigilance बनाए रखना।
- Train Integrity सुनिश्चित करना।
- Passing Train का निरीक्षण करना।
- Track Maintenance Staff अथवा Gateman के Hand Signals पर ध्यान देना।
- लोको पायलट के साथ समन्वय बनाए रखना।
- Brake Performance पर निगरानी रखना।
- Hot Axle, Fire, ACP, OHE Failure अथवा अन्य असामान्य स्थिति में तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करना।
Block Section एवं Accident Working
- आवश्यकता पड़ने पर Train Protection करना।
- Push Back केवल नियमानुसार एवं अधिकृत अनुमति से करना।
- Communication Failure की स्थिति में लागू नियमों का पालन करना।
- दुर्घटना की स्थिति में मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
- Rescue, Relief एवं Reporting में सहयोग करना।
Destination एवं Sign Off
- Complete Train सुनिश्चित करना।
- Fouling Mark Clear होना सुनिश्चित करना।
- Train Intact की पुष्टि करना।
- Combined Train Report एवं अन्य अभिलेख पूर्ण करना।
- Vehicle Guidance जमा करना।
- Running Defects की रिपोर्ट देना।
- Railway Equipment जमा कर नियमानुसार Sign Off करना।
Quick Revision Table
| विषय | महत्वपूर्ण बिंदु |
|---|---|
| Sign On | समय पर Sign On, Rule Orders, Safety Circulars |
| Personal Readiness | विश्राम, नशामुक्त स्थिति, Competency, Medical |
| Equipment | Guard Equipment कार्यशील होना |
| Before Departure | Vehicle Guidance, Marshalling, BPC, Tail Lamp |
| Passenger Train | Passenger Safety, Vestibule, Communication |
| Goods Train | Seal, Safety Label, ODC, Dangerous Goods |
| Journey | Continuous Vigilance, Train Integrity |
| Passing Train | Fire, Smoke, Hanging Parts, Hot Axle का निरीक्षण |
| Abnormal Working | Hot Axle, Fire, ACP, OHE Failure |
| Block Working | Train Protection, Push Back, Communication |
| Accident | Protection, Rescue, Reporting |
| Destination | Complete Train, Fouling Mark, Train Intact |
| Sign Off | Reports, Equipment, Off Duty |
Railway LDCE में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ट्रेन मैनेजर की मुख्य जिम्मेदारी क्या है?
2. Sign On से पूर्व ट्रेन मैनेजर को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
3. Guard Equipment में सामान्यतः कौन-कौन से उपकरण होते हैं?
4. Brake Power Certificate (BPC) का महत्व क्या है?
5. Vehicle Guidance क्या है तथा इसका उद्देश्य क्या है?
6. Departure से पूर्व Train Manager किन बातों की पुष्टि करता है?
7. Passenger Train एवं Goods Train की जाँच में क्या अंतर है?
8. Passing Train का निरीक्षण क्यों किया जाता है?
9. Train Integrity से क्या अभिप्राय है?
10. Hot Axle की सूचना मिलने पर Train Manager की क्या जिम्मेदारी होती है?
11. ACP (Alarm Chain Pulling) होने पर Train Manager क्या कार्रवाई करता है?
12. Block Section में Train Protection कब आवश्यक होती है?
13. Accident की स्थिति में Train Manager की प्राथमिकताएँ क्या होती हैं?
14. Destination Station पर पहुँचने के बाद Train Manager कौन-कौन से कार्य करता है?
15. Fouling Mark Clear सुनिश्चित करना क्यों आवश्यक है?
16. Combined Train Report का उद्देश्य क्या है?
17. Sign Off से पहले कौन-कौन से कार्य पूरे करना आवश्यक हैं?
18. Railway Board के अनुसार सुरक्षित रेल संचालन के पाँच मूल सिद्धांत क्या हैं?
ट्रेन मैनेजर (पूर्व पदनाम–गार्ड) भारतीय रेलवे की सुरक्षित, नियमित एवं संरक्षित रेल संचालन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण परिचालन कर्मचारी है। उसकी जिम्मेदारियाँ केवल गाड़ी को गन्तव्य तक पहुँचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि Sign On से लेकर Sign Off तक प्रत्येक चरण में लागू रेलवे नियमों, संरक्षा सिद्धांतों एवं परिचालन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
General & Subsidiary Rules (G&SR), Operating Manual, Block Working Manual, Accident Manual तथा Railway Board द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए ट्रेन मैनेजर लोको पायलट, स्टेशन मास्टर तथा अन्य परिचालन कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करता है।
Railway Operating Department की LDCE, GDCE एवं अन्य Departmental Examinations की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस अध्याय में वर्णित कर्तव्यों की स्पष्ट समझ अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से Sign On, Brake Power Certificate (BPC), Vehicle Guidance, Train Integrity, Train Protection, Hot Axle, ACP, Block Working, Accident Working, Destination Duties एवं Sign Off से संबंधित प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
इस अध्याय में केवल ट्रेन मैनेजर की प्रमुख जिम्मेदारियों का समग्र परिचय दिया गया है। Brake Power Certificate (BPC), Train Protection, Train Parting, Hot Axle, Alarm Chain Pulling (ACP), ODC, Dangerous Goods, Combined Train Report, Block Working तथा Accident Working जैसे विषयों का विस्तृत अध्ययन उनके संबंधित अध्यायों में किया जाएगा।
Reference
General & Subsidiary Rules (G&SR),
Operating Manual,
Block Working Manual,
Accident Manual,
Railway Board Guidelines एवं अन्य लागू भारतीय रेलवे निर्देश।
Research & Content: G. D. Pandey

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