रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज लिमिटेड (RITES Limited)
राइट्स की स्थापना वर्ष 1974 में भारतीय रेलवे की तकनीकी विशेषज्ञता को देश एवं विदेश में उपलब्ध कराने तथा परिवहन अवसंरचना क्षेत्र में उच्च स्तरीय परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह भारत की अग्रणी इंजीनियरिंग एवं परामर्श कंपनियों में से एक है।
स्थापना एवं विकास
राइट्स की स्थापना भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता और अनुभव का उपयोग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में करने के उद्देश्य से की गई थी।
प्रारम्भ में इसका मुख्य कार्य रेलवे परियोजनाओं के लिए परामर्श सेवाएँ प्रदान करना था, किन्तु समय के साथ इसका कार्यक्षेत्र व्यापक होता गया। वर्तमान में राइट्स रेलवे, मेट्रो, सड़क, राजमार्ग, बंदरगाह, हवाई अड्डा, लॉजिस्टिक्स, शहरी परिवहन तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
उद्देश्य
राइट्स के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
परिवहन एवं अवसंरचना क्षेत्र में तकनीकी परामर्श प्रदान करना।
रेलवे परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना।
परियोजना प्रबंधन एवं गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना।
भारतीय रेलवे की विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाना।
परिवहन अवसंरचना के विकास में योगदान देना।
आधुनिक तकनीक एवं प्रबंधन प्रणाली का उपयोग बढ़ाना।
संगठनात्मक संरचना
राइट्स का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
कंपनी का संचालन निदेशक मंडल (Board of Directors) द्वारा किया जाता है जिसमें—
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD)
कार्यात्मक निदेशक
सरकारी नामित निदेशक
स्वतंत्र निदेशक
शामिल होते हैं।
देशभर में इसके अनेक क्षेत्रीय कार्यालय, परियोजना कार्यालय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित हैं।
प्रमुख कार्यक्षेत्र
राइट्स निम्नलिखित क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान करता है—
1. रेलवे परियोजनाएँ
नई रेलवे लाइनें
दोहरीकरण
तीसरी एवं चौथी लाइन
रेलवे विद्युतीकरण
स्टेशन पुनर्विकास
यार्ड आधुनिकीकरण
कार्यशालाएँ एवं डिपो
2. मेट्रो रेल परियोजनाएँ
व्यवहार्यता अध्ययन
DPR तैयार करना
डिजाइन एवं इंजीनियरिंग
परियोजना प्रबंधन
गुणवत्ता निरीक्षण
3. सड़क एवं राजमार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग
एक्सप्रेसवे
फ्लाईओवर
पुल एवं सुरंग
4. बंदरगाह एवं जलमार्ग
पोर्ट अवसंरचना
अंतर्देशीय जलमार्ग
मल्टीमॉडल परिवहन
5. हवाई अड्डा परियोजनाएँ
एयरपोर्ट अवसंरचना
टर्मिनल भवन
रनवे विकास
6. लॉजिस्टिक्स एवं माल परिवहन
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क
फ्रेट टर्मिनल
वेयरहाउसिंग
सप्लाई चेन समाधान
7. नवीकरणीय ऊर्जा
सौर ऊर्जा परियोजनाएँ
पवन ऊर्जा परियोजनाएँ
ऊर्जा दक्षता परियोजनाएँ
राइट्स द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ
राइट्स निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करता है—
व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Studies)
परियोजनाओं की तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन।
विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR)
परियोजना के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना।
इंजीनियरिंग एवं डिजाइन
संरचनात्मक डिजाइन
रेलवे डिजाइन
सिग्नलिंग डिजाइन
विद्युत प्रणाली डिजाइन
परियोजना प्रबंधन परामर्श (PMC)
योजना
पर्यवेक्षण
प्रगति नियंत्रण
लागत नियंत्रण
गुणवत्ता आश्वासन एवं निरीक्षण
थर्ड पार्टी निरीक्षण
गुणवत्ता नियंत्रण
सामग्री परीक्षण
परिचालन एवं अनुरक्षण (O&M)
परिचालन सेवाएँ
अनुरक्षण सेवाएँ
तकनीकी सहायता
प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास
तकनीकी प्रशिक्षण
प्रबंधन प्रशिक्षण
क्षमता निर्माण कार्यक्रम
भारतीय रेलवे में राइट्स की भूमिका
भारतीय रेलवे की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं में राइट्स परामर्शदाता एवं परियोजना प्रबंधक के रूप में कार्य करता है।
इसकी प्रमुख भूमिकाएँ हैं—
रेलवे लाइन सर्वेक्षण
परियोजना योजना
लागत अनुमान
स्टेशन पुनर्विकास
रेलवे विद्युतीकरण
सिग्नल एवं दूरसंचार
रोलिंग स्टॉक निरीक्षण
गुणवत्ता नियंत्रण
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राइट्स
राइट्स ने एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका एवं मध्य-पूर्व के अनेक देशों में कार्य किया है।
कंपनी द्वारा निम्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सेवाएँ प्रदान की जाती हैं—
रेलवे निर्माण एवं आधुनिकीकरण
सिग्नलिंग प्रणाली
रोलिंग स्टॉक
प्रशिक्षण
परिवहन नीति अध्ययन
परियोजना प्रबंधन
राइट्स भारतीय रेलवे की तकनीकी विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने वाली अग्रणी संस्था है।
निर्यात एवं लीजिंग व्यवसाय
राइट्स भारतीय रेलवे का प्रमुख निर्यात संगठन माना जाता है।
यह विभिन्न देशों को—
लोकोमोटिव
कोच
वैगन
DEMU
रेलवे उपकरण
का निर्यात करता है।
इसके अतिरिक्त राइट्स—
लोकोमोटिव लीजिंग
रेलवे उपकरण लीजिंग
औद्योगिक रेल संचालन
से संबंधित सेवाएँ भी प्रदान करता है।
मेट्रो एवं शहरी परिवहन परियोजनाएँ
राइट्स ने अनेक मेट्रो परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कंपनी विभिन्न परियोजनाओं के लिए—
व्यवहार्यता अध्ययन
DPR
सामान्य परामर्श सेवाएँ
गुणवत्ता निगरानी
परियोजना प्रबंधन
प्रदान करती है।
रेलवे आधुनिकीकरण में योगदान
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में राइट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इसने निम्न क्षेत्रों में योगदान दिया है—
हाई स्पीड रेल
सेमी हाई स्पीड रेल
Dedicated Freight Corridor
स्टेशन पुनर्विकास
लॉजिस्टिक्स पार्क
हरित ऊर्जा
स्मार्ट मोबिलिटी
डिजिटल अवसंरचना
राइट्स और IRCON में अंतर
| राइट्स (RITES) | IRCON |
|---|---|
| मुख्यतः परामर्श एवं परियोजना प्रबंधन कंपनी | मुख्यतः निर्माण कंपनी |
| इंजीनियरिंग एवं तकनीकी सलाह प्रदान करती है | निर्माण एवं कार्यान्वयन पर केंद्रित |
| निरीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में विशेषज्ञ | बड़े निर्माण कार्यों में विशेषज्ञ |
| निर्यात एवं लीजिंग व्यवसाय में सक्रिय | मुख्यतः EPC एवं निर्माण परियोजनाएँ |
राइट्स की प्रमुख उपलब्धियाँ
भारत सरकार का नवरत्न CPSE।
भारतीय रेलवे का प्रमुख परामर्श संगठन।
अनेक अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में सहभागिता।
रेलवे रोलिंग स्टॉक निर्यात में अग्रणी भूमिका।
मेट्रो एवं शहरी परिवहन परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान।
लॉजिस्टिक्स एवं मल्टीमॉडल परिवहन क्षेत्र में विस्तार।
LDCE / Group-B परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
RITES की स्थापना वर्ष 1974 में हुई।
RITES रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत है।
RITES को नवरत्न (Navratna) का दर्जा प्राप्त है।
मुख्यालय – नई दिल्ली।
RITES एक बहुविषयक इंजीनियरिंग एवं परामर्श संगठन है।
रेलवे, मेट्रो, सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डा एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में कार्य करता है।
भारतीय रेलवे के रोलिंग स्टॉक निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
परियोजना प्रबंधन, निरीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण इसकी प्रमुख सेवाएँ हैं।
अनेक अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में कार्यरत है।
RITES और IRCON भारतीय रेलवे के दो प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम हैं, परंतु दोनों की कार्य प्रकृति अलग है।
राइट्स लिमिटेड भारतीय रेलवे एवं परिवहन अवसंरचना क्षेत्र की अग्रणी परामर्श एवं इंजीनियरिंग कंपनी है। रेलवे, मेट्रो, लॉजिस्टिक्स, निर्यात, नवीकरणीय ऊर्जा तथा अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, वैश्विक विस्तार तथा तकनीकी विकास में राइट्स का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए LDCE एवं Group-B परीक्षाओं में RITES से संबंधित प्रश्नों का विशेष महत्व है।

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