प्रश्न - हॉट एक्सल (Hot Axle) क्या है? हॉट एक्सल की सूचना प्राप्त होने पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली परिचालन (Operating) कार्रवाई का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हॉट एक्सल (Hot Axle) वह स्थिति है जिसमें किसी कोच अथवा वैगन के एक्सल बॉक्स (Axle Box) अथवा रोलर बेयरिंग (Roller Bearing) का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। यह भारतीय रेल के परिचालन की दृष्टि से अत्यंत गंभीर Safety Critical Condition है। यदि समय पर आवश्यक कार्रवाई न की जाए तो बेयरिंग जाम होना, एक्सल टूटना, पहिए का लॉक होना तथा अंततः डिरेलमेंट जैसी गंभीर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं। इसी कारण भारतीय रेल के General & Subsidiary Rules (G&SR), Subsidiary Rules (SR), Operating Manual तथा Block Working Manual में हॉट एक्सल की सूचना को अत्यंत गंभीर सुरक्षा सूचना माना गया है तथा ऐसी स्थिति में "Stop and Examine Train" की प्रक्रिया अपनाने का प्रावधान किया गया है।
रेलवे परिचालन का मूल सिद्धांत है कि Safety shall always take precedence over Punctuality, अर्थात् सुरक्षा को सदैव समयपालन पर प्राथमिकता दी जाएगी।
हॉट एक्सल की पहचान
चलती अथवा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन का निरीक्षण करते समय यदि एक्सल बॉक्स से धुआँ निकलता हुआ दिखाई दे, जली हुई ग्रीस अथवा धातु की गंध आए, चिंगारी दिखाई दे, ग्रीस का असामान्य रिसाव हो, एक्सल बॉक्स अत्यधिक गर्म प्रतीत हो अथवा धातु के रगड़ने जैसी असामान्य आवाज़ सुनाई दे, तो हॉट एक्सल की संभावना मानते हुए तत्काल सुरक्षा कार्रवाई की जानी चाहिए।
रेलवे का मूल सिद्धांत यह है कि उचित संदेह (Reasonable Suspicion) भी "Stop and Examine Train" प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए पर्याप्त है। अतः किसी कर्मचारी को यह सोचकर सूचना देने में विलम्ब नहीं करना चाहिए कि दोष की पूर्ण पुष्टि पहले हो जाए।
"Stop and Examine Train" की प्रक्रिया
यदि किसी रेलवे कर्मचारी को हॉट एक्सल का संदेह होता है, तो वह दिन अथवा रात्रि में निर्धारित "Stop and Examine Train" संकेत प्रदर्शित करेगा तथा स्टेशन मास्टर को तत्काल सूचना देगा। यदि ट्रेन बिना रुके स्टेशन से गुजर रही हो, तो पीछे का स्टेशन मास्टर (SM in Rear) अग्रिम स्टेशन मास्टर (SM in Advance) को अधिकृत संचार माध्यम से तत्काल सूचना देगा कि संबंधित ट्रेन को रोककर निरीक्षण किया जाना है।
जहाँ तक संभव हो, सूचना में ट्रेन संख्या, चलने की दिशा, प्रभावित कोच अथवा वैगन की स्थिति तथा दोष का प्रकार (Hot Axle) भी बताया जाएगा, जिससे अग्रिम स्टेशन पर निरीक्षण शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके।
पीछे के स्टेशन मास्टर (SM in Rear) की कार्रवाई
हॉट एक्सल की सूचना प्राप्त होते ही SM in Rear इसे अत्यंत गंभीर सुरक्षा सूचना मानते हुए बिना किसी विलम्ब के अग्रिम स्टेशन मास्टर को सूचित करेगा। सूचना ब्लॉक टेलीफोन, कंट्रोल टेलीफोन अथवा अन्य अधिकृत संचार माध्यम से दी जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अग्रिम स्टेशन द्वारा संदेश प्राप्त कर उसकी पुष्टि (Acknowledgement) कर दी गई है।
यदि यह आशंका हो कि वाहन का कोई भाग ट्रैक पर गिर गया है अथवा लाइन की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, तो नियंत्रण कार्यालय तथा आवश्यकता होने पर पीछे के निकटवर्ती स्टेशन को भी सूचना दी जाएगी, ताकि संबंधित ब्लॉक सेक्शन में आवश्यक सुरक्षा सावधानियाँ अपनाई जा सकें।
अग्रिम स्टेशन मास्टर (SM in Advance) की कार्रवाई
SM in Advance संदेश प्राप्त होते ही उसकी पुष्टि करेगा तथा संबंधित दिशा के सभी आवश्यक Stop Signals को 'ON' स्थिति में रखेगा, जिससे संबंधित ट्रेन निर्धारित स्थान पर अवश्य रुक सके।
ट्रेन के स्टेशन पर पहुँचने पर उसे प्रथम उपलब्ध Stop Signal पर रोककर संबंधित वाहन अथवा आवश्यकता होने पर पूरी ट्रेन का सावधानीपूर्वक निरीक्षण कराया जाएगा। यदि सूचना में प्रभावित कोच अथवा वैगन की पहचान उपलब्ध हो, तो सर्वप्रथम उसी वाहन का निरीक्षण किया जाएगा।
जहाँ तक संभव हो, संबंधित Zonal Railway के Subsidiary Rules (SR), Station Working Rules (SWR), Joint Procedure Orders (JPOs) अथवा स्थानीय Operating Instructions के अनुसार ट्रेन को ऐसे ट्रैक पर प्राप्त किया जाएगा जहाँ उसका सुरक्षित निरीक्षण किया जा सके। अनेक जोनल रेलवे में Main Line Reception को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गई है, जिससे Turnout/Points पर अतिरिक्त पार्श्व दबाव के कारण संभावित डिरेलमेंट का जोखिम कम किया जा सके। यदि Main Line उपलब्ध न हो अथवा अन्य परिचालन कारणों से ऐसा संभव न हो, तो संबंधित स्थानीय नियमों के अनुसार अन्य उपयुक्त लाइन पर भी ट्रेन को लिया जा सकता है।
यदि निरीक्षण में हॉट एक्सल की पुष्टि होती है, तो ट्रेन को तब तक आगे नहीं बढ़ाया जाएगा जब तक लागू नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार उसे सुरक्षित रूप से चलने योग्य न घोषित कर दिया जाए। यदि निरीक्षण के बाद भी "Stop and Examine Train" संकेत का कारण स्पष्ट न हो सके, तो संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यक सावधानी बरती जाएगी तथा आवश्यकता होने पर विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेन के लोको पायलट को सावधानी आदेश (Caution Order) जारी किया जाएगा।
लोको पायलट (Loco Pilot) की कार्रवाई
यदि लोको पायलट को गेटमैन, पॉइंट्समैन, स्टेशन मास्टर, गार्ड अथवा किसी अन्य अधिकृत रेलवे कर्मचारी द्वारा "Stop and Examine Train" का संकेत प्राप्त होता है, तो वह इसे अत्यंत गंभीर सुरक्षा सूचना मानते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार ट्रेन को यथाशीघ्र सुरक्षित रूप से रोकेगा।
यदि तत्काल डिरेलमेंट अथवा अन्य गंभीर दुर्घटना का स्पष्ट खतरा न हो, तो लोको पायलट यथासंभव नियंत्रित (Controlled) ढंग से ट्रेन रोकने का प्रयास करेगा, जिससे ट्रेन के अन्य भागों पर अनावश्यक झटका (Shock) न लगे और स्थिति का सुरक्षित मूल्यांकन किया जा सके।
ट्रेन रुकने के पश्चात लोको पायलट, गार्ड एवं स्टेशन स्टाफ के साथ मिलकर संबंधित वाहन की पहचान एवं निरीक्षण में सहयोग करेगा। निरीक्षण पूर्ण होने तथा स्टेशन मास्टर द्वारा अनुमति दिए जाने से पूर्व वह ट्रेन को आगे नहीं चलाएगा।
यदि निरीक्षण में हॉट एक्सल की पुष्टि होती है तथा दोषयुक्त वाहन को आगे चलाना सुरक्षित नहीं माना जाता, तो आगे की कार्रवाई संबंधित Operating Instructions, Subsidiary Rules तथा सक्षम C & W Authority के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
गार्ड (Guard) की कार्रवाई
गार्ड हॉट एक्सल की सूचना मिलने पर लोको पायलट एवं स्टेशन मास्टर के साथ समन्वय स्थापित करेगा तथा संबंधित वाहन की पहचान करने में सहायता करेगा। यदि आवश्यक हो तो वह पूरी ट्रेन के निरीक्षण में भी सहयोग करेगा।
यदि निरीक्षण में हॉट एक्सल की पुष्टि होती है, तो गार्ड यह सुनिश्चित करेगा कि लागू नियमों के अनुसार आवश्यक सुरक्षा कार्रवाई पूर्ण होने से पूर्व ट्रेन को आगे न बढ़ाया जाए।
यदि दोषयुक्त वाहन को ट्रेन से पृथक (Detach) किया जाता है, तो गार्ड यह सुनिश्चित करेगा कि शेष ट्रेन की ब्रेक व्यवस्था, ब्रेक निरंतरता (Brake Continuity) तथा अन्य परिचालन औपचारिकताएँ पूर्ण कर ली गई हैं।
ट्रेन पासिंग स्टाफ (Train Passing Staff) की भूमिका
स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन, केबिनमैन, गेटमैन तथा अन्य ट्रेन पासिंग स्टाफ प्रत्येक गुजरती हुई ट्रेन का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करेंगे। यदि किसी एक्सल बॉक्स से धुआँ, चिंगारी, ग्रीस का रिसाव अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो वे तत्काल "Stop and Examine Train" संकेत देंगे तथा स्टेशन मास्टर को बिना विलम्ब सूचना देंगे।
जहाँ तक संभव हो, संबंधित कोच अथवा वैगन की पहचान (Position) भी नोट की जाएगी, जिससे अग्रिम स्टेशन पर निरीक्षण शीघ्रता से किया जा सके। यदि वाहन की पहचान संभव न हो, तो केवल इसी कारण सूचना देने में विलम्ब नहीं किया जाएगा।
नियंत्रण कार्यालय (Control Office) की भूमिका
Section Controller अथवा Train Controller को जैसे ही हॉट एक्सल की सूचना प्राप्त होती है, वह संबंधित स्टेशनों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि अग्रिम स्टेशन पर ट्रेन को रोककर उसका निरीक्षण कराया जाए।
यदि परिस्थितियाँ आवश्यक हों, तो कंट्रोलर पीछे आने वाली अथवा विपरीत दिशा की ट्रेनों का परिचालन विनियमित (Regulate) करेगा, ताकि निरीक्षण के दौरान सुरक्षित परिचालन बनाए रखा जा सके।
व्यावहारिक परिचालन में Controller आवश्यकता अनुसार निकटतम C&W Depot अथवा Mechanical Unit को भी सूचना दे सकता है, जिससे आवश्यक तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध हो सके।
नोट: Controller द्वारा Charting, Regulation तथा Mechanical Staff को सूचना देने की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित Zonal Railway के Control Organization Instructions एवं Operating Instructions के अनुसार निर्धारित होती है।
ब्लॉक कार्य (Block Working) के दौरान सावधानियाँ
यदि ब्लॉक सेक्शन में चल रही ट्रेन के संबंध में हॉट एक्सल की सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित स्टेशन मास्टर तुरंत अग्रिम स्टेशन को सूचना देगा तथा संदेश की प्राप्ति (Acknowledgement) सुनिश्चित करेगा।
यदि यह आशंका हो कि वाहन का कोई भाग ट्रैक पर गिर गया है अथवा समीपवर्ती लाइन (Adjacent Line) प्रभावित हो सकती है, तो G&SR के संरक्षण (Protection) संबंधी नियमों के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
यदि आवश्यक हो, तो लोको पायलट एवं गार्ड Adjacent Line की सुरक्षा हेतु निर्धारित संरक्षण उपाय अपनाएँगे, ताकि अन्य ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
दोषयुक्त वाहन का पृथक्करण (Detachment) एवं आगे का संचालन
यदि निरीक्षण में हॉट एक्सल की पुष्टि होती है तथा दोषयुक्त वाहन को गाड़ी मे रखना सुरक्षित नहीं माना जाता, तो उसे पृथक (Detach) करने अथवा आगे के संचालन का निर्णय संबंधित Operating Instructions, Subsidiary Rules, Railway Board के निर्देशों तथा सक्षम C & W Authority की सलाह के अनुसार किया जाएगा।
Passenger Train तथा Goods Train के मामलों में कार्रवाई परिस्थितियों, वाहन के प्रकार, सुरक्षा मूल्यांकन तथा स्थानीय परिचालन व्यवस्था के अनुसार भिन्न हो सकती है।
यदि दोषयुक्त वाहन को शंट करना आवश्यक हो, तो शंटिंग अत्यंत सावधानीपूर्वक की जाएगी। जहाँ संबंधित Zonal Railway के SR अथवा स्थानीय Operating Instructions में Fly Shunting अथवा Loose Shunting निषिद्ध हो, वहाँ उनका पूर्णतः पालन किया जाएगा।
यदि स्थानीय नियमों में यार्ड शंटिंग हेतु 5 kmph अथवा Crawling Speed का प्रावधान हो, तो उसी का पालन किया जाएगा।
नोट: 5 kmph की गति सीमा भारतीय रेल के G&SR का सार्वभौमिक नियम नहीं है। यह संबंधित Zonal Railway के SR अथवा स्थानीय Operating Instructions के अनुसार लागू होगी।
गति प्रतिबंध (Speed Restriction)
यदि परिस्थितियों के अनुसार दोषयुक्त वाहन अथवा ट्रेन को अगले स्टेशन तक ले जाना आवश्यक हो, तो उसकी गति संबंधित Subsidiary Rules, Operating Instructions तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार निर्धारित की जाएगी। प्रत्येक मामले में परिस्थितियों, सुरक्षा मूल्यांकन तथा स्थानीय नियमों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्टिंग, अभिलेख (Documentation) एवं संचार व्यवस्था
हॉट एक्सल की प्रत्येक सूचना रेलवे परिचालन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना है। अतः घटना के दौरान प्राप्त प्रत्येक संदेश, की गई कार्रवाई तथा निरीक्षण के परिणाम का समुचित अभिलेख रखा जाना आवश्यक है।
स्टेशन मास्टर यह सुनिश्चित करेगा कि हॉट एक्सल संबंधी सूचना समय पर अग्रिम स्टेशन, नियंत्रण कार्यालय तथा आवश्यकता होने पर अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुँचा दी गई है। निरीक्षण पूर्ण होने के पश्चात उसका परिणाम भी नियंत्रण कार्यालय को तत्काल सूचित किया जाएगा, जिससे सामान्य परिचालन पुनः प्रारम्भ करने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया जा सके।
यदि घटना रिपोर्ट योग्य श्रेणी में आती है, तो प्रचलित नियमों के अनुसार निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी। सभी संदेश स्पष्ट, संक्षिप्त, सही तथा समयबद्ध होने चाहिए ताकि किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।
परिचालन के महत्वपूर्ण सिद्धांत (Important Operating Principles)
हॉट एक्सल की प्रत्येक सूचना को वास्तविक एवं गंभीर सुरक्षा सूचना मानकर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी भी कर्मचारी को केवल अनुमान के आधार पर यह नहीं मान लेना चाहिए कि सूचना गलत हो सकती है।
यदि "Stop and Examine Train" संकेत प्राप्त हो, तो ट्रेन का निरीक्षण पूर्ण होने तथा सुरक्षा सुनिश्चित होने से पूर्व उसे आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
जहाँ तक संभव हो, संबंधित Zonal Railway के Subsidiary Rules (SR), Station Working Rules (SWR) अथवा स्थानीय Operating Instructions के अनुसार ट्रेन को ऐसे ट्रैक पर लिया जाएगा जहाँ उसका सुरक्षित निरीक्षण किया जा सके। कई जोनों में Main Line Reception को प्राथमिकता दी जाती है, किन्तु यह स्थानीय नियमों के अधीन होगा।
यदि दोषयुक्त वाहन को पृथक करना आवश्यक हो, तो उसकी शंटिंग स्थानीय Shunting Rules के अनुसार की जाएगी। Fly Shunting अथवा Loose Shunting निषिद्ध का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
यदि वाहन को पृथक कर सुरक्षित लाइन में खड़ा किया जाता है, तो Hand Brake लगाए जाएँगे तथा आवश्यकता होने पर Wheel Skids/Wedges अथवा अन्य स्वीकृत साधनों द्वारा उसे सुरक्षित किया जाएगा।
यदि हॉट एक्सल के कारण ट्रेन ब्लॉक सेक्शन में रुक जाती है तथा समीपवर्ती लाइन प्रभावित होने की संभावना हो, तो लोको पायलट एवं गार्ड G&SR के संरक्षण (Protection) संबंधी नियमों के अनुसार Adjacent Line की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
हॉट एक्सल बॉक्स पर पानी डालकर उसे ठंडा करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इस संबंध में प्रचलित C&W Maintenance Practices का पालन किया जाएगा।
LDCE परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
परीक्षा में निम्नलिखित बिंदुओं का उल्लेख करने पर उत्तर अधिक प्रभावी माना जाएगा—
- हॉट एक्सल एक Safety Critical Condition है।
- Safety over Punctuality भारतीय रेल का मूल सिद्धांत है।
- Stop and Examine Train प्रक्रिया तत्काल अपनाई जाती है।
- SM in Rear तत्काल SM in Advance को सूचना देता है।
- SM in Advance संदेश की पुष्टि कर ट्रेन रोककर निरीक्षण कराता है।
- Loco Pilot निरीक्षण पूर्ण होने से पहले ट्रेन आगे नहीं चलाता।
- Guard निरीक्षण एवं परिचालन समन्वय सुनिश्चित करता है।
- Train Passing Staff हॉट एक्सल की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- Control Office ट्रेनों का Regulation तथा समन्वय करता है।
- Block Working के दौरान विशेष सुरक्षा सावधानियाँ अपनाई जाती हैं।
- Detachment, Speed Restriction एवं Further Movement संबंधित SR, Operating Instructions तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार किए जाते हैं।
- सभी संदेश एवं कार्रवाई का उचित Documentation किया जाता है।
हॉट एक्सल भारतीय रेल के सुरक्षित परिचालन से जुड़ी अत्यंत गंभीर स्थिति है। इसकी समय पर पहचान, "Stop and Examine Train" प्रक्रिया का तत्काल पालन तथा स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, गार्ड, ट्रेन पासिंग स्टाफ एवं नियंत्रण कार्यालय के मध्य प्रभावी समन्वय संभावित दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
दोषयुक्त वाहन को पृथक करना, अगले स्टेशन तक ले जाना, गति प्रतिबंध लगाना अथवा अन्य विशेष परिचालन व्यवस्था अपनाना सदैव General & Subsidiary Rules (G&SR), संबंधित Zonal Railway Subsidiary Rules (SR), Operating Manual, Block Working Manual, Railway Board के निर्देशों तथा जहाँ आवश्यक हो सक्षम C & W Authority के निर्णय के अनुसार किया जाना चाहिए।
इस प्रकार हॉट एक्सल की प्रत्येक घटना में "Safety First" का सिद्धांत सर्वोपरि रहता है और किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
संदर्भ (References)
- Indian Railways General & Subsidiary Rules (G&SR)
- संबंधित Zonal Railway Subsidiary Rules (SR)
- Operating Manual
- Block Working Manual
- Accident Manual
- Station Working Rules (SWR)
- Joint Procedure Orders (JPOs), जहाँ लागू हों
- Railway Board Safety & Operating Instructions
- Mechanical Instructions एवं C&W Maintenance Practices (जहाँ लागू हों)

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