GR 5.14 – Control of Shunting (शंटिंग का नियंत्रण)
नियम का उद्देश्य
General Rule 5.14 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी शंटिंग मूवमेंट बिना नियंत्रण, बिना अनुमति अथवा बिना समुचित समन्वय के न किया जाए। शंटिंग के दौरान अनेक कर्मचारी एक साथ कार्य करते हैं—स्टेशन मास्टर, यार्ड मास्टर, लोको पायलट, पॉइंट्समैन, गार्ड तथा शंटिंग स्टाफ। यदि इनके बीच स्पष्ट नियंत्रण न हो, तो दुर्घटना की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।
नियम का मूल सिद्धांत
शंटिंग सदैव अधिकृत परिचालन कर्मचारी (Authorised Operating Staff) के नियंत्रण में की जाएगी।
यह नियम केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि रेलवे सुरक्षा का मूल सिद्धांत है।
नियंत्रण किसके द्वारा किया जाता है?
शंटिंग का नियंत्रण स्थान एवं परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।
स्टेशन सीमा के भीतर सामान्यतः स्टेशन मास्टर नियंत्रण करता है।
बड़े यार्डों में यह दायित्व यार्ड मास्टर अथवा शंटिंग मास्टर का होता है।
जहाँ पृथक शंटिंग स्टाफ उपलब्ध न हो, वहाँ संबंधित अधिकृत परिचालन कर्मचारी शंटिंग का संचालन कराता है।
लोको पायलट केवल प्राप्त निर्देशों के अनुसार इंजन चलाता है; वह स्वयं निर्णय लेकर शंटिंग प्रारम्भ नहीं कर सकता।
व्यावहारिक उदाहरण
यदि किसी यार्ड में एक ही समय दो अलग-अलग रेकों की शंटिंग हो रही हो और दोनों का मार्ग एक ही पॉइंट से होकर जाता हो, तो बिना समन्वय के दोनों रेक एक-दूसरे से टकरा सकती हैं।
ऐसी स्थिति से बचने के लिए एक अधिकृत अधिकारी सम्पूर्ण शंटिंग का नियंत्रण अपने हाथ में रखता है तथा उसी के निर्देशानुसार सभी कर्मचारी कार्य करते हैं।

No comments:
Post a Comment