1. व्हीकल गाइडेंस (Vehicle Guidance - VG) ट्रेन्स क्लर्क (TNC) द्वारा तैयार किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण परिचालन दस्तावेज है। यार्ड में तैयार होने वाली नई गाड़ियों तथा इंटरचेंज गाड़ियों के लिए यह पत्रक तैयार किया जाता है तथा सामान्यतः गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय से लगभग 30 मिनट पूर्व गार्ड को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वह गाड़ी की संरचना एवं लोड का सत्यापन कर सके।
2. व्हीकल गाइडेंस में अंकित विवरण
व्हीकल गाइडेंस में सामान्यतः निम्नलिखित विवरण दर्ज किए जाते हैं—
- वाहन/वैगन नंबर
- वाहन का प्रकार
- स्वामित्व रेलवे
- खाली अथवा भरे होने की स्थिति
- प्रस्थान स्टेशन
- गंतव्य स्टेशन
- विशेष परिचालन निर्देश (यदि कोई हों)
मालगाड़ियों के लिए सामान्यतः प्रपत्र संख्या T/81-F तथा सवारी गाड़ियों के लिए T/81-F/A प्रयुक्त किया जाता है।
3. व्हीकल गाइडेंस तैयार करने की प्रक्रिया
व्हीकल गाइडेंस को स्पष्ट एवं पठनीय रूप में तैयार किया जाना चाहिए। पारंपरिक व्यवस्था में इसे नंबर टेकर बुक के आधार पर तैयार किया जाता था, जबकि वर्तमान समय में यह कार्य मैनुअल प्रणाली, FOIS अथवा अन्य उपलब्ध कम्प्यूटरीकृत प्रणालियों के माध्यम से भी किया जा सकता है।
TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्हीकल गाइडेंस में दर्ज विवरण तथा वास्तविक रेक संरचना में कोई अंतर न हो।
4. गार्ड द्वारा सत्यापन
प्रस्थान स्टेशन पर गार्ड, TNC अथवा स्टेशन मास्टर से व्हीकल गाइडेंस प्राप्त कर गाड़ी की संरचना तथा लोड का मिलान करता है।
यदि मार्ग में किसी स्टेशन पर कोई वाहन जोड़ा या हटाया जाता है, तो उसकी प्रविष्टि व्हीकल गाइडेंस में दर्ज की जाती है तथा आवश्यकतानुसार संबंधित स्टेशन अधिकारी द्वारा प्रमाणित की जाती है।
5. FOIS आधारित Vehicle Guidance
वर्तमान भारतीय रेलवे में अधिकांश मालगाड़ियों की Vehicle Guidance, Freight Operations Information System (FOIS) में उपलब्ध डेटा के आधार पर तैयार की जाती है।
TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—
- FOIS में उपलब्ध रेक संरचना सही हो।
- VG एवं FOIS डेटा में सामंजस्य हो।
- वास्तविक रेक एवं सिस्टम डेटा में कोई अंतर न हो।
6. BPC (Brake Power Certificate) का मिलान
Vehicle Guidance तैयार करते समय TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि VG में अंकित रेक संरचना तथा उपलब्ध Brake Power Certificate (BPC) में दर्ज वैगनों की संख्या एवं क्रम एक-दूसरे से मेल खाते हों।
किसी भी विसंगति की स्थिति में गाड़ी रवाना करने से पूर्व उसका समाधान किया जाना चाहिए।
7. ODC एवं ISMD लोड
यदि गाड़ी में Over Dimensional Consignment (ODC) अथवा Infringing Standard Moving Dimension (ISMD) लोड लगा हो, तो उसका स्पष्ट उल्लेख Vehicle Guidance में किया जाना चाहिए।
ऐसे मामलों में संबंधित गति प्रतिबंध, मार्ग प्रतिबंध तथा विशेष परिचालन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
8. Long Haul एवं Heavy Haul ट्रेनों में सावधानियाँ
Long Haul अथवा Heavy Haul मालगाड़ियों के लिए Vehicle Guidance तैयार करते समय—
- कुल रेक संरचना
- कुल भार
- कुल लंबाई
- विशेष परिचालन निर्देश
का सही उल्लेख किया जाना आवश्यक है।
9. इंटरचेंज यातायात में महत्व
इंटरचेंज स्टेशनों पर प्राप्त एवं प्रेषित रेकों की Vehicle Guidance का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाना चाहिए ताकि—
- वैगन नंबर
- गंतव्य स्टेशन
- लोड विवरण
में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
10. अभिलेखों का संरक्षित करना
TNC को आने वाली तथा जाने वाली गाड़ियों की Vehicle Guidance (VG), Brake Power Certificate (BPC) तथा अन्य संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित संरक्षित करना करना चाहिए।
जहाँ कम्प्यूटरीकृत प्रणाली उपलब्ध हो, वहाँ इन अभिलेखों का डिजिटल संरक्षित करना भी किया जाना चाहिए।
11. सुरक्षा की दृष्टि से महत्व
Vehicle Guidance केवल एक सूचना पत्रक नहीं है, बल्कि यह ट्रेन संचालन एवं सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
इसमें त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि होने पर—
- वैगन मिस-रूटिंग
- गलत इंटरचेंज
- लोड ट्रेसिंग में कठिनाई
- परिचालन बाधाएँ
उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन आवश्यक है।
12. TNC की जिम्मेदारी
Vehicle Guidance तैयार करने के बाद TNC को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—
- वैगन नंबर सही हों।
- गंतव्य स्टेशन सही अंकित हो।
- Empty/Loaded स्थिति सही हो।
- BPC एवं VG में सामंजस्य हो।
- ODC/ISMD विवरण दर्ज हो।
- FOIS डेटा एवं वास्तविक रेक संरचना में कोई अंतर न हो।

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